दहशत: चिन्यालीसौड़ के सिंगाणगांव में भालू दिखने पर लोगों में भय का माहौल
उत्तरकाशी। शनिवार सुबह सिंगाणगांव में भालू दिखाई देने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे भालू सिंगाणगांव से ऊपर खदाड़ा के पजिन्याडू तोक की ओर जाता देखा गया। इसी मार्ग पर ग्रामीणों के पशु अपनी डांडा छानियों में रहते हैं, जिससे स्थानीय क्षेत्रवासियों एवं पशुपालकों में भारी डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने पशुओं को छानियों में रखते हैं और कई जगह छोटे-छोटे बच्चे भी परिवार के साथ वहीं रहते हैं, जिससे किसी भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। वन विभाग को सुबह ही सूचना दे दी गई है और ग्रामीणों ने मांग की है कि भालू को जल्द पकड़ा जाए ताकि किसी भी प्रकार की जन-धन हानि न हो। स्थानीय पशुपालकों बचन सिंह रावत, सरदीप धौनी, अंकित, जगमोहन सिंह बिष्ट आदि ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। वहीं समाजसेवी राजेंद्र सिंह रांगड़ तथा विवेक बिष्ट ने भी क्षेत्र में वन्यजीव गतिविधि बढ़ने पर चिंता जताई है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि सितम्बर से नवंबर के बीच मोरी और गंगा घाटी के अस्सी गंगा, टकनौर घाटी के विभिन्न इलाकों में भालुओं ने करीब एक दर्ज लोगों पर हमले किए हैं। इस हमले में कुछ लोगों को मौत के घाट उतार दिया और कई लोग इस बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। पिछले एक दशक में पहली बार भालू इतने हिंसक हुए हैं। आमतौर पर बरसात के दिनों में भालू हिंसक नजर आते हैं। लेकिन इस बार एक सप्ताह में तीन चार हमले और गांव में भालू की चहलकदमी से लोग दहशत में है। हाल ही में अस्सी गंगा क्षेत्र की सेंकू गांव की महिला को भालू ने हमला कर पूरा चेहरा चबा डाला था। इतना ही नहीं गया, बैलों पर भी हमले की सूचना है।

