Category: इतिहास
आस्था और लोक-संस्कृति का प्रतीक बनी ’फ्यूंली’ रुद्रप्रयाग। केदारघाटी की वादियों में इन दिनों पीले
देहरादून। वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले चल रहा
देहरादून। जब 1980 के दशक की शुरुआत में मारुति 800 लॉन्च हुई, तो यह भारत
धनंजय राठौर 1857 के विद्रोह को कई नामों से जाना जाता है, जिनमें भारतीय विद्रोह,
शीशपाल गुसाईं राजेंद्र नगर, देहरादून का एक ऐसा क्षेत्र है, जो न केवल अपनी आधुनिक
*शीशपाल गुसाईं हिमाचल की हरी-भरी वादियों और उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि के बीच बसी
लोकगीतों में आज भी जीवित है उनके स्वाभिमान ,पराक्रम और साहस की गाथा दुर्गेश
शीशपाल गुसाईं गढ़वाल की सांस्कृतिक और स्थापत्य परंपराओं का एक अनमोल रत्न है “कोठा”,
शीशपाल गुसाईं, शिमला से लौटकर उन्नीसवीं सदी के प्रारंभ में, महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल
