दहशत: पहाड़ों में थम नहीं रही वन्य जीवों की सक्रियता; अब देवप्रयाग और श्रीनगर में भी दिखने लगे
नई टिहरी। पर्वतीय क्षेत्र में गुलदार की दहशत कम नहीं हो रही है। गुलदार दिन दहाड़े यहां मुनेठ गांव स्थित एक स्कूल के निकट आकर बैठ गया, जिससे यहां बच्चों व शिक्षकों में दशहत बन गई। वहीं बीती देर शाम गाय का पीछा करते गुलदार सीएचसी बागी के भीतर घुस आया, जिससे यहां मौजूद स्टाफ व मरीजों में हड़कंप बन गया। वहीं पालीसैण गांव में शाम को घर लौट रहे तहसील कर्मी की बाइक के सामने गुलदार के आ जाने से उसने सड़क से लगे मकान में दौड़कर किसी तरह जान बचाई। देवप्रयाग के निकटवर्ती क्षेत्रों में गुलदार की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। यहां मुनेठ गांव में गुलदार दिन दहाड़े दिवाकर सिंह की घर के छत पर चौक में बंधी बकरियों की ताक में बैठ गया। उसे देख घर के लोगों ने शोर मचाया तो वह पास की स्कूल के पीछे एक पेड़ के नीचे बैठ गया। पक्षियों के भारी शोर करने पर जब शिक्षिका सरोज बिष्ट यहां बाहर आई तो गुलदार को स्कूल के पीछे बैठा देख वह सहम गई। शोर सुनकर गुलदार निकट के जंगल में भाग निकला। स्कूल में उस समय करीब 18 बच्चे मौजूद थे। गुलदार के दिन में ही आ धमकने की घटना ने यहां अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं बीती गुरुवार शाम करीब साढ़े आठ बजे गाय का पीछा करते गुलदार सीएचसी के भीतर बने आंगन तक आ गया। सीएचसी प्रभारी डॉ अंजना गुप्ता के अनुसार उस समय यहां भर्ती मरीजों का!इलाज चल रहा था। स्टाफ के लगातार शोर मचाने पर गुलदार किसी तरह यहां से निकला। बीती ! में ! के पीछे ध्वस्त पुश्ते के नहीं बनने से गुलदार की यहां पहुंच आसान बनी है। सीएचसी के भीतर गुलदार के आ घुसने की संभावना से यहां सभी दरवाजों को शाम से ही बंद करने की नौबत बन गई है। वहीं बीती शाम बाइक से घर लौट रहे पालीसैण निवासी तहसील कर्मी ललित सिंह का सामना घर के पास ही गुलदार से हो गया। कुछ ही फासले पर खड़े गुलदार से बचने के लिए ललित ने बाइक की लाइट जलाए रख उसे पीछे किया और फिर बाइक से उतरकर सड़क से लगे अनिल सिंह के घर की ओर दौड़ गया। जिससे वह गुलदार के हमले से बच गया। बागी प्रधान नरेश मिश्रा के अनुसार गुलदार की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुये वन विभाग की टीम यहां सुबह शाम गश्त कर रही है। वहीं ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने को कहा जा रहा है। पूर्व प्रधान मुनेठ रजनी सिंह के अनुसार गुलदार के भय से यहां लोग शाम पांच बजे ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वहीं गुलदार के अब दिनदहाड़े घूमने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई है।
श्रीनगर में गुलदार दिखने से दहशत
उधर, श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत पराग डेयरी के समीप बीती गुरुवार रात्रि को गुलदार दिखने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग डरे सहमे अंधेरा होने के बाद अपने घरों की ओर निकल रहे हैं। इससे पूर्व में भी श्रीकोट, घसियामहादेव, भक्तियाना और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार की चहलकदमी नजर आई थी,जबकि खिर्सू ब्लॉक के कोटी गांव में बुजुर्ग महिला को गुलदार ने निवाला बनाया था। लगातार गुलदारों के बढ़ने से लोगों में डर की स्थिति बनी हुई है। साथ ही श्रीनगर में प्रतिदिन आवागमन करने वाले नौकरी पेशे वाले लोग भी सहमते हुए दिनचर्या निर्वहन कर रहे हैं। स्थानीय शिवकांत कंडारी, प्रवीण रावत, अमित डुंगरियाल ने बताया कि वह कई बार गुलदार को सड़कों और बस्तियों के नजदीक देख चुके हैं, जिससे घरों के आसपास भय का माहौल बना रहता है। बताया कि वन विभाग की ओर से जल्द श्रीनगर क्षेत्र में पिंजरा लगाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आसपास घूम रहे गुलदारों को पकड़ा जा सके और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। इधर,तहसीलदार श्रीनगर दीपक भंडारी ने बताया कि वन विभाग की टीम को गुलदार दिखने पर गश्त किये जाने के निर्देश दिए गए हैं।

