आफ़त : हाथियों के झुंड ने खेतों और बगीचों में जमकर मचाया उत्पात, वन विभाग के प्रति बढ़ी नाराज़गी
हरिद्वार। पथरी क्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। हाथियों का झुंड रविवार रात से सोमवार सुबह आठ बजे तक मिस्सरपुर कॉलोनी में डटा रहा। हाथियों ने खेतों और बगीचों में जमकर उत्पात मचाया और गन्ने की फसल बर्बाद कर डाली। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों गंगा पार के जंगलों से हाथियों के झुंड लगातार खेतों और आबादी वाले इलाकों में आ रहे हैं। मिस्सरपुर के साथ ही बहादरपुर जट, किशनपुर, गाड़ोवाली, पंजनहेड़ी, अजीतपुर, जियापोता, कटारपुर, चांदपुर, रानीमाजरा, बिशनपुर और पुरानी कुंडी में हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों ने गन्ने की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। कई किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों का आरोप है कि वन विभाग केवल गश्त का दावा करता है, लेकिन हकीकत कुछ और है। मिस्सरपुर निवासी किसान राजेश सैनी ने बताया कि हर शाम हाथियों का झुंड कॉलोनी से गुजरते हुए खेतों में पहुंच जाता है और अब तो सुबह तक वहीं डटा रहता है। किसान अब्दुल सलाम ने कहा कि हाथियों की वजह से हमें रातभर खेतों में रहकर रखवाली करनी पड़ती है। सुशील सैनी ने कहा कि कई बार हाथी किसानों पर हमला कर चुके हैं। किसान सुखदेव पाल और राजपाल का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से बच्चों और महिलाओं में खासा डर है। लोग शाम होते ही घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। किसान दीपक, रमेश और सोनी ने बताया कि फसलों का नुकसान इतना बड़ा है कि भरपाई करना मुश्किल है। उधर, वन क्षेत्राधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी का कहना है कि हाथी प्रभावित इलाकों में वनकर्मियों की गश्त लगातार कराई जा रही है। हाथियों के आने की सूचना मिलते ही टीम मौके पर भेज दी जाती है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

