आफ़त: बंदरों के आतंक से परेशान हैं पूरे शहर के लोग, प्रशासन से लगाई बचाने की गुहार

आफ़त: बंदरों के आतंक से परेशान हैं पूरे शहर के लोग, प्रशासन से लगाई बचाने की गुहार
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ऋषिकेश। बंदरों का आतंक क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। झुंड में घूम रहे बंदर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं, जिससे दहशत फैली हुई है। छत, बालकनी और गलियों पर बंदरों का कब्जा हो गया है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित है। तीर्थनगरी में बंदरों का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। उत्पाती बंदर दिनभर गलियों, मकान की छतों पर डेरा डाले रहते है। ऐसे में लोगों का गलियों में निकलना मुश्किल हो रहा है। दिनों दिन बढ़ते बंदरों के आतंक से क्षेत्रवासी खासे परेशान हो रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। लोगों का कहना है कि उत्पाती बंदर छत पर सूखते कपड़े फाड़ने व खाने-पीने की सामग्री हाथों से झपटकर ले जाते है। शहर के मनीराम मार्ग,हीरालाल मार्ग,उप जिला चिकित्सालय,टीएचडीसी ऑफिस,एम्स परिसर,तहसील समेत अन्य क्षेत्रों में बंदरों के झुंड सड़क पर बैठे रहते हैं। इसके चलते इस राह से लोगों का गुजरना दुभर होता है, खास तौर से यदि हाथ में कोई थैला हो तो और भी दिक्कत होती है। लोगों के घरों के दरवाजों पर भी बंदर एकत्रित हो जाते हैं। इसके चलते लोग घरों से निकलने में डरते हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बंदर घरों की छतों पर कूद-फांद करते हैं, पानी की टंकियों और बिजली के तारों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। मनीराम मार्ग निवासी किशन मोहन विश्वकर्मा का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नगर निगम मेयर शंभू पासवान का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिये अप्रैल में अभियान चलाया जायेगा। इसके लिये टीम बुलाई जा रही है।

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