संकट: पांच माह से नए गैस कनेक्शन पर ब्रेक, दून में 1930 आवेदन लंबित
देहरादून। राजधानी में नई गृहस्थी बसाने वालों के लिए घरेलू गैस कनेक्शन हासिल करना बड़ी चुनौती बन गया है। नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन की ऑनलाइन प्रक्रिया करीब पांच माह से ठप होने के कारण जिले में 1930 आवेदन लंबित हैं। किराये के मकानों में रहने आए परिवार हों या अलग गृहस्थी शुरू करने वाले लोग, सभी गैस कनेक्शन के इंतजार में परेशान हैं। स्थिति यह है कि गैस एजेंसियों से लेकर जिला आपूर्ति कार्यालय तक चक्कर काटने के बावजूद आवेदकों को पोर्टल खुलने की तारीख के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 मार्च से अस्थायी रूप से बंद है। बताया जा रहा है कि मौजूदा उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। हालांकि, नए कनेक्शन की जरूरत वाले परिवारों के सामने अब रसोई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मजबूरी खड़ी हो गई है।
पांच माह से आवेदन प्रक्रिया बंद होने के बावजूद पोर्टल दोबारा शुरू करने की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। इससे लंबित आवेदनों के निस्तारण को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। आवेदकों की परेशानी इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि कनेक्शन के लिए इंतजार कब खत्म होगा।
देहरादून जिले में विभिन्न तेल कंपनियों की 70 गैस एजेंसियां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रही हैं। इनमें इंडियन ऑयल की 53, भारत पेट्रोलियम की 10 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की सात एजेंसियां शामिल हैं। जिले में सात लाख से अधिक घरेलू गैस उपभोक्ता हैं, जबकि करीब 9000 उज्ज्वला लाभार्थियों को भी इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अतिरिक्त होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में करीब 16 हजार कमर्शियल सिलेंडरों की खपत बताई गई है। इतने बड़े उपभोक्ता आधार के बीच नए घरेलू कनेक्शन की प्रक्रिया बंद रहने से पहली बार कनेक्शन लेने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नए घरेलू गैस कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया कब बहाल होगी, इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वैश्विक एलपीजी आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने और देशव्यापी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोर्टल दोबारा खोले जाने की संभावना है। हालांकि, इस संबंध में कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है।, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मौजूदा उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति सुचारु रखने की व्यवस्था के बीच नए परिवारों को कनेक्शन कब तक मिल पाएगा। फिलहाल 1930 लंबित आवेदकों को राहत मिलने के लिए पोर्टल खुलने का इंतजार है।

