धोखाधड़ी: रिश्तेदार ने न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर ठग लिए 15 लाख रुपए, पुलिस ने शुरू की जांच
देहरादून(आरएनएस)। विदेश भेजने के नाम पर एक युवक से रिश्तेदार ने 15 लाख रुपये हड़प लिए। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी रिश्तेदार के खिलाफ गुरुवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसओ रायपुर संजीत कुमार ने बताया कि भद्रकाली फेस-दो तुनवाला निवासी अरविंद सिंह राणा ने तहरीर दी। बताया कि उनका छोटा भाई विवेक राणा 2023 में दुबई से लौटा था। इस दौरान उनके दूर के रिश्ते के मामा उपेंद्र निवासी रोहिणी, दिल्ली ने विवेक से संपर्क किया। उपेंद्र ने न्यूजीलैंड के एक होटल में अच्छे पैकेज पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने इस पूरी प्रक्रिया के लिए 15 लाख रुपये का खर्च बताया।आरोपी ने वीजा, टिकट और एंबेसी वेरिफिकेशन के नाम पर दिसंबर 2023 से अप्रैल 2024 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 15 लाख रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके साथ ही विवेक का ओरिजिनल पासपोर्ट और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी अपने पास रख लिया। कई महीनों तक टालमटोल के बाद जब पीड़ितों ने दिल्ली जाकर आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने अपनी देनदारी स्वीकार करते हुए 5-5 लाख रुपये के तीन चेक दिए। जब सात मार्च 2025 में ये चेक बैंक में लगाए गए तो हस्ताक्षर न मिलने के कारण बाउंस हो गए। लंबे समय तक संपर्क करने के बावजूद जब आरोपी ने पैसे और पासपोर्ट नहीं लौटाए तो थक-हारकर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। एसओ संजीत कुमार ने बताया कि आरोपी उपेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी के रकम हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
क्रेडिट कार्ड से ईएमआई कम करने का झांसा दे साइबर ठगी
दूसरी तरफ, बसंत विहार थाना क्षेत्र स्थित आदर्श विहार निवासी अमितेश राणा साइबर ठगी का शिकार हो गए। पीड़ित के अनुसार एयू बैंक क्रेडिट कार्ड की ईएमआई अधिक कटने की शिकायत दर्ज कराने के बाद उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर कार्ड मर्ज होने का झांसा दिया। झांसे में आए पीड़ित से आरोपी ने एक ऐप डाउनलोड कराया और लिंक भेजकर जानकारी भरवा ली। डिटेल दर्ज करते ही अमितेश के एयू बैंक क्रेडिट कार्ड से 66,886 रुपये और आईसीआईसीआई बैंक कार्ड से 71,925 रुपये निकल गए। एसओ बसंत विहार शैंकी कुमार ने बताया कि गुरुवार को साइबर ठगी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

