ख़तरनाक: पिंजरे में नहीं फंस सका चार वर्षीय बच्ची को मारने वाला गुलदार, दहशत बरक़रार
पौड़ी। जिले के पोखड़ा ब्लाक के श्रीकोट गांव में गुलदार की दहशत बनी हुई है। गुलदार अभी भी पिंजरे में कैद नहीं हो पाया है। जिले के पोखड़ा ब्लाक के श्रीकोट गांव में बीते शुक्रवार की रात को गुलदार ने 4 साल की मासूम रिया को निवाला बना लिया था। जिसके बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना से स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। शनिवार को स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए गुलदार को मारने की मांग उठाई थी। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए यहां पिंजरे लगाने के और ट्रेंक्युलाइज टीम को भी तैनात किया है। इसके अलावा, ड्रोन की मदद से गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी तक गुलदार के पिंजरे में कैद नहीं होने पर क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर रहे हैं। गुलदार यहां लगे पिंजरों में नहीं फंसा है। गुलदार को शीघ्र ही नरभक्षी घोषित कर देना चाहिए जिससे लोगों को गुलदार के आतंक से निजात मिल सके। पूर्व ब्लाक प्रमुख पोखड़ा सुरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गुलदार को मारने के आदेश नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है। कहा कि क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। सरकार को जल्द ही इस ओर ठोस कदम उठाने चाहिए। पोखड़ा ब्लाक के गड़री से जिला पंचायत सदस्य पूनम कैंतुरा ने कहा कि मानव जीवन के संरक्षण के लिए बने कानून बनना चाहिए। चौबट्टाखाल में कई सालों से जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है, जिससे स्थानीय ग्रामीण परेशान हैं। कहा कि चौबट्टाखाल को नो टाइगर जोन घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से चौबट्टाखाल को नो टाइगर जोन घोषित करने की मांग उठाई है। कहा कि जल्द ही मांग पूरी नहीं होने पर स्थानीय ग्रामीणों के साथ जनांदोलन किया जाएगा।
क्या कहते हैं अफसर..
‘गुलदार की गतिविधियों को लगातार देखा जा रहा है। टीम मौके पर बनी हुई है। गुलदार को ट्रैप करने के लिए कैमरे भी लगाए गए हैं। यदि जरूरत पड़ी तो टीम को और बढ़ाया जाएगा। फिलहाल अभी गुलदार की कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी है।’
-आकाश वर्मा, वन संरक्षक गढ़वाल सर्किल।

