आफ़त: तीन दिन से सेंधी गांव में हाथी की धमक से ग्रामीणों में दहशत, फसलों को कर रहा है चौपट

आफ़त: तीन दिन से सेंधी गांव में हाथी की धमक से ग्रामीणों में दहशत, फसलों को कर रहा है चौपट
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कोटद्वार(आरएनएस)। जयहरीखाल ब्लॉक के अंतर्गत सेंधीखाल के सेंधी गांव में पिछले तीन दिनों से हाथी की लगातार धमक बनी हुई है। हाथी आबादी क्षेत्र में पहुंचकर केले के बगीचे, चारा पत्ती के पेड़ों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथी की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और जानमाल के नुकसान का खतरा बना हुआ है।सेंधी गांव निवासी उम्मेद सिंह रावत ने बताया कि एक हाथी पिछले तीन दिनों से गांव के आसपास मंडरा रहा है। रविवार रात करीब ढाई बजे हाथी गांव में पहुंच गया और उनके केले के बगीचे को तहस-नहस कर दिया। हाथी ने चारा पत्ती के कई पेड़ भी तोड़ डाले। इसके बाद वह परमानंद जदली के घर के समीप पहुंच गया, जिससे परिवार के लोग दहशत में आ गए।ग्रामीणों ने पटाखे फोड़कर और कनस्तर बजाकर हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर गया। उम्मेद सिंह के अनुसार, इससे पहले शनिवार सुबह भी हाथी ने गांव के पास बांस के पेड़ों को तोड़ दिया था। मंदिर के समीप भी कई पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने और हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।उधर, लैंसडौन के रेंजर राकेश चंद्र शाह ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से गांव में हाथी के धमकने की सूचना मिली है। वन रक्षक आशीष रावत के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम मौके पर मौजूद है। हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर जंगल में भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।

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