अतिवृष्टि: हरिद्वार में गंगा का जलस्तर पहुंचा चेतावनी निशान के करीब, निचले इलाकों में मंडराने लगा बाढ़ का खतरा
हरिद्वार। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज पर रविवार सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 292.95 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह चेतावनी स्तर 293 मीटर से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने गंगा के निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ के खतरे की आशंका बढ़ा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते श्रीनगर डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। इसके साथ ही पशुलोक बैराज से भी गंगा में पानी की निकासी बढ़ाई गई है। दोनों ओर से पानी की आवक बढ़ने के कारण भीमगोड़ा बैराज पर जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय रहने और जलस्तर तथा तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
गंगा के चेतावनी निशान के करीब पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिलाधिकारी ने तटीय क्षेत्रों में बसे लोगों को स्थिति बिगड़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है।
प्रशासन की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों में पानी की निकासी बढ़ने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश और कई स्थानों पर हो रही बर्फबारी के बीच नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में गंगा के जलस्तर का चेतावनी निशान के बेहद करीब पहुंचना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से गंगा और अन्य नदी-नालों के किनारे जाने से बचने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। जलस्तर में आगे होने वाले बदलाव के आधार पर प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

