सहायता: जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए गए 23 प्रभावित परिवार

सहायता: जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए गए 23 प्रभावित परिवार
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नई टिहरी। भारी बारिश से खतरे की आशंका को देखते हुये टिहरी जिला प्रशासन ने 23 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ़्ट किया है। इनमें सबसे ज्यादा दस परिवार भिलंगना ब्लॉक से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किये गये हैं। जिला प्रशासन ने भारी बारिश के चलते सभी से अलर्ट रहने की अपील की है। बीती रात से हो रही भारी बारिश से जिले में कई बरसाती गदेर उफान मार रहे हैं। जिससे आबादी क्षेत्रों को भारी खतरा हो गया है। डीएम निकिता खंडेलवाल के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने घनसाली तहसील से दस परिवार, धनोल्टी से छह, जाखणीधार से तीन, कंडीसौड़ से दो और टिहरी से भी दो परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। इनमें कुछ मकान गदेरे के आसपास थे, ऐसे में वहां पर पानी आने की आशंका से उन्हें पंचायत घर और पड़ोसियों के घरों में शिफ्ट किया गया है। कुछ मकान जर्जर थे और उनके गिरने का खतरा था। ऐसे में वहां रहने वाले परिवारों को भी शिफ्ट किया गया है। जिले में सभी तहसीलों में एसडीएम और तहसील कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये गये हैं।
बदहाल नालियों का पानी सड़कों पर बहने से परेशानी
उधर , भिलंगना ब्लाक के बेलेश्वर कस्बे में प्रतिदिन नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। जिस कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ ही राहगीरों को आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग ने कई बार नालियों का निर्माण कराया है, लेकिन गुणवत्ता ठीक न होने के कारण नालियां फिर क्षतिग्रस्त हो गई। इसके साथ ही घरों व बाजार का कचरा जमा होने के कारण नालिया चोक हो रही हैं। जिससे पूरा पानी सड़क पर बहने लगता है। सड़क पर बहता पानी वाहनों के टायरों से टकराने से सीधे दुकानों में जाने के साथ ही राहगीरों के ऊपर गिर रहा है। जिससे राहगीरों के कपड़े खराब हो रहे हैं। लगातार सड़क पर पानी बहने से सड़क पर गड्ढे भी उभर आये हैं। जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके साथ ही सड़क से बहता पानी नीचे ग्रामीणों के खेतों तक जाकर नुकसान पहुंचा रहा है। कई खेतों के पुस्ते इस बहते पानी से क्षतिग्रस्त हो गये हैं। कस्बेवासियों ने कई बार लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग से इसकी शिकायत की, लेकिन दोनों विभाग इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय निवासी केदार सिंह रौतेला, उम्मेद सिंह चौहान, चंदन सिंह पोखरियाल ने शीघ्र उक्त समस्या का निराकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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