सावधान: खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले जांच लें गुणवत्ता, पैकिंग और एक्सपायरी डेट
हरिद्वार(आरएनएस)। त्योहारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की आशंका के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से खरीदारी में सतर्कता बरतने की अपील की है। वहीं, मिलावट के मामलों में कार्रवाई के बावजूद पिछले करीब एक साल में सजा सुनाए जाने के दो ही मामले सामने आए हैं। दोनों मामले पनीर बनाने वाली इकाइयों से जुड़े हैं। सीजेएम कोर्ट ने इनके संचालकों को छह-छह माह की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि तीन अक्टूबर को नन्हेड़ा अनंतपुर स्थित इकाई पर छापेमारी की गई थी। वहां दो कुंतल अधबना पनीर, 20 किलो पामोलिन तेल और 30 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर मिला था। विभाग ने अधबना पनीर और पाम ऑयल नष्ट करा दिया था। वहीं, 13 अक्तूबर को लक्सर के संघीपुर गढ़ी स्थित इकाई में करीब तीन कुंतल तैयार पनीर और छह कुंतल अधनिर्मित पनीर मिला था। मौके पर पाम ऑयल के टिन और स्किम्ड मिल्क पाउडर के खाली बोरे भी बरामद हुए थे। विभाग ने करीब 10 कुंतल खाद्य पदार्थ नष्ट कराकर इकाई बंद करा दी थी। खाद्य अनुज्ञप्ति भी निलंबित कर दी गई थी। अधिकारी के अनुसार, दोनों मामलों में न्यायालय संचालकों को सजा सुना चुका है।
पैकिंग और तिथि देखकर खरीदें खाद्य पदार्थ
खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को पैकेट पर निर्माता का नाम-पता, सामग्री की सूची, निर्माण या पैकिंग तिथि, समाप्ति तिथि और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का अनुज्ञप्ति नंबर जांचना चाहिए। पैकिंग फटी हो या जरूरी जानकारी स्पष्ट न हो तो उत्पाद खरीदने से बचें। केवल रंग, गंध, स्वाद या बनावट के आधार पर किसी खाद्य पदार्थ को शुद्ध अथवा मिलावटी नहीं माना जा सकता। खुले में बिकने वाली मिठाइयों, मावा और पनीर की खरीदारी में साफ-सफाई और भंडारण की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। अनुज्ञप्ति नंबर होने मात्र से उत्पाद की गुणवत्ता की गारंटी नहीं मिलती।
मिलावट की शिकायत कैसे करें
खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने या मिलावट की आशंका पर उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए एफएसएसएआई की ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा कनेक्ट मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा सकता है। शिकायत के समय दुकान का नाम-पता, खाद्य पदार्थ का विवरण, पैकेट की तस्वीर, अनुज्ञप्ति नंबर और खरीदारी का बिल देना उपयोगी होगा। महिमानंद जोशी के अनुसार, शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी जांच कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थ का नमूना लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में जांच कराई जाती है। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उपभोक्ता शिकायत की स्थिति भी जान सकते हैं। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001804246 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय या क्षेत्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारी को भी शिकायत दी जा सकती है।

