लुत्फ़: तीन दिन की छुट्टी और पर्यटकों से गुलज़ार हुआ चकराता, लंबे समय बाद लौटी रौनक

लुत्फ़: तीन दिन की छुट्टी और पर्यटकों से गुलज़ार हुआ चकराता, लंबे समय बाद लौटी रौनक
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चकराता। वीकेंड पर शनिवार को पर्यटन नगरी चकराता का छावनी बाजार पर्यटकों की चहल-पहल से गुलज़ार रहा। सुबह से शुरू हुई सैलानियों की आवाजाही दिन चढ़ने के साथ बढ़ती गई। लंबे समय बाद बाजार में रौनक लौटने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे खिल उठे। पर्यटकों की अच्छी आमद से दुकानदारों, रेस्टोरेंट संचालकों और अन्य कारोबारियों को बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है।
उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और एनसीआर से बड़ी संख्या में पर्यटक चकराता पहुंचे। सैलानियों ने छावनी बाजार में घूमने के साथ स्थानीय दुकानों से खरीदारी की और क्षेत्र में तैयार होने वाले उत्पादों के प्रति रुचि दिखाई। वहीं, चकराता के प्रसिद्ध राजमा-चावल का स्वाद लेने के लिए पर्यटक स्थानीय भोजनालयों और रेस्टोरेंट में भी पहुंचे। इससे बाजार में दिनभर चहल-पहल बनी रही।
प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और प्रदूषणमुक्त आबोहवा के लिए प्रसिद्ध चकराता पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में शामिल है। देवदार के घने जंगल, पहाड़ों की खूबसूरत वादियां और सुकून भरा माहौल यहां आने वाले सैलानियों को आकर्षित करता है। वीकेंड और छुट्टियों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
स्थानीय कारोबारी कमल रावत, दिनेश चांदना, नारायण कोठारी, देवेंद्र चौहान, राजेंद्र चौहान, रविंद्र सिंह, प्रताप सिंह और अशोक कुमार गोयल ने बताया कि शनिवार को पर्यटकों की अच्छी आमद से पर्यटन कारोबार को लाभ मिला। सैलानियों की आवाजाही से छोटे-बड़े दुकानदारों के साथ होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी फायदा पहुंचा। कारोबारियों के मुताबिक, पर्यटक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने के साथ पहाड़ी व्यंजनों का आनंद लेते हैं। इससे बाजार के विभिन्न कारोबारों को सहारा मिलता है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में भी चकराता में पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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