ख़ास ख़बर: अंकिता भंडारी प्रकरण के बीच पौड़ी स्थानीय अभिसूचना इकाई के निरीक्षक निलंबित
पौड़ी(गढ़वाल)। पौड़ी मुख्यालय में तैनात स्थानीय अभिसूचना इकाई के निरीक्षक एसडी नेगी को निलंबित कर दिया गया है। उनके निलंबन के पीछे की आधिकारिक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। वहीं, अंकिता भंडारी प्रकरण में उनके माता-पिता के दिल्ली में धरने पर बैठने की सूचना पुलिस तंत्र तक समय पर नहीं पहुंचने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, निलंबन और इस घटनाक्रम के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अंकिता भंडारी के माता-पिता के दिल्ली में धरने पर बैठने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया था। धरने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शामिल होने के बाद प्रकरण को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मिली। इसके बाद से ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं होने लगीं।
बताया जाता है कि अंकिता की मां और भाई दिल्ली में रहते हैं, जबकि उनके पिता पौड़ी मुख्यालय के निकट डोभ श्रीकोट गांव में रहते हैं। चर्चा है कि उनकी मां और भाई ने पिता को भी दिल्ली बुलाया था, जिसके बाद वह धरने में शामिल हुए। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इस घटनाक्रम की जानकारी स्थानीय अभिसूचना इकाई को समय रहते क्यों नहीं मिल पाई।
इससे पहले दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता के पिता ने पौड़ी में इस नियुक्ति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। बताया जाता है कि उनके बयान से संबंधित सूचना पौड़ी स्थानीय अभिसूचना इकाई की ओर से उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी।
अब इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब अंकिता के पिता के बयान की जानकारी विभागीय स्तर पर उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई थी, तो उनके दिल्ली पहुंचने और धरने में शामिल होने की सूचना समय रहते संबंधित अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंच सकी। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय अभिसूचना इकाई की कार्यप्रणाली पर चर्चा हो रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि निरीक्षक एसडी नेगी के निलंबन का इन सवालों से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल विभाग की ओर से निलंबन के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि कार्रवाई अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़ी किसी कथित चूक के कारण हुई है। विभागीय स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही निलंबन की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

