सुमित पाल हत्याकांड: जिला जज की कोर्ट से आरोपी युवती की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज

सुमित पाल हत्याकांड: जिला जज की कोर्ट से आरोपी युवती की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज
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देहरादून(आरएनएस)। किमाड़ी में खाई में मिले सुमित पाल के शव मामले में दर्ज हत्या के केस में आरोपी युवती की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। जिला न्यायाधीश देहरादून हरीश कुमार गोयल की अदालत ने बुधवार को मामले की गंभीरता और विवेचना के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका के मद्देनजर यह फैसला सुनाया। बीते आठ जुलाई को घर से लापता हुए सुमित पाल का शव 14 जुलाई को मसूरी-किमाडी रोड पर खाई में मिला था। इस मामले में मृतक की बहन ने नेहरू कॉलोनी थाने में आरोपी युवती और उसके साथी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। युवती ने कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद कपिल ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ है कि लापता होने वाले दिन आठ जुलाई सुबह 10:52 बजे सुमित ने युवती को 11 मैसेज कर आखिरी बार बात करने की मिन्नत की थी। उसी दिन सुबह आरोपी युवती ने अपने साथी संजय को सुमित के बारे में बताया था। जिसके बाद संजय और सुमित के बीच फोन पर गाली-गलौज भी हुई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि युवती घटना के समय चमोली में थी और टाइफाइड से पीड़ित थी। यह भी कहा गया कि वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है और उसे झूठा फंसाया जा रहा है। न्यायालय ने माना कि प्रथम दृष्टया युवती नामजद है और उस पर सुमित पाल की हत्या का गंभीर आरोप है। मामले की जांच जारी है, ऐसे में अग्रिम जमानत देना न्यायसंगत नहीं है।

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