ख़ास ख़बर: खुदाई के दौरान मिलीं दो प्राचीन मूर्तियां,  गणेश और नाग छत्र शिवलिंग देख खुश हुए लोग 

ख़ास ख़बर: खुदाई के दौरान मिलीं दो प्राचीन मूर्तियां,  गणेश और नाग छत्र शिवलिंग देख खुश हुए लोग 
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पौड़ी गढ़वाल। जनपद के कल्जीखाल ब्लॉक में स्थित किमोली-चिलोली गांव में जल स्रोत के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज सामने आई है। खुदाई के दौरान यहां से दो प्राचीन मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें एक भगवान गणेश की प्रतिमा तथा दूसरी नाग से अलंकृत शिवलिंग बताया जा रहा है। इस खोज ने न केवल स्थानीय लोगों में उत्साह बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को भी नई दिशा देने का काम किया है।

  प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में लंबे समय से उपयोग में आ रहे एक पुराने जल स्रोत का सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा था। इसी दौरान जब मजदूरों द्वारा खुदाई की जा रही थी, तब जमीन के भीतर से ये दोनों मूर्तियां बाहर आईं। मूर्तियां मिलते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों में कौतूहल का माहौल बन गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए।
ग्राम प्रधान हेमंती देवी ने बताया कि जैसे ही मूर्तियों के मिलने की जानकारी मिली, हमने तत्काल इसकी सूचना संबंधित विभागों को दी। गांव के लिए यह एक गौरव का क्षण है। यह खोज क्षेत्र की प्राचीनता को दर्शाती है। सूचना मिलने के बाद पुरातत्व विभाग की टीम प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई पौड़ी अनिरुद्ध सिंह बिष्ट के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम के लीडर ने प्राथमिक जांच के आधार पर बताया कि दोनों प्रतिमाएं प्राचीन प्रतीत हो रही हैं। इनकी बनावट, शैली तथा संरचना से इनके ऐतिहासिक महत्व का अनुमान लगाया जा सकता है। फिलहाल इन मूर्तियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इनके निर्माण काल, उपयोग और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी, ताकि सटीक जानकारी सामने आ सके।

पुरातत्व विभाग ने दोनों मूर्तियों को सुरक्षित संरक्षण के लिए अपने सुपुर्द ले लिया है। विभाग का कहना है कि भविष्य में इन मूर्तियों को पौड़ी स्थित निर्माणाधीन हेरिटेज भवन के संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे आम लोग भी इन ऐतिहासिक धरोहरों को देख सकें और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खोजें किसी भी क्षेत्र के प्राचीन इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे यह संकेत भी मिल सकता है कि यह क्षेत्र कभी धार्मिक या सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र रहा होगा। स्थानीय लोगों में इस खोज को लेकर काफी उत्साह है और वे इसे अपने गांव की पहचान से जोड़कर देख रहे हैं।

प्रशासन और पुरातत्व विभाग भी इस स्थल को आगे और खोजबीन के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये मूर्तियां करीब 2 महीने पहले मिल चुकी थीं। तब से ये ग्रामीणों ने संभालकर रखी थी। फिर ग्राम सभा ने पुरातत्व विभाग को इनको संरक्षित करने के लिए पत्र लिखा। इसके बाद मंगलवार को पुरातत्व विभाग ने इन्हें अपने कब्जे में ले लिया। कुल मिलाकर, किमोली-चिलोली गांव में मिली ये प्राचीन मूर्तियां न केवल आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि यह खोज आने वाले समय में पौड़ी जनपद के इतिहास और विरासत को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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