सबक: मुंह पर धुआं उड़ाने से रोका तो रेता गला, सनकी कातिल को उम्रकैद

सबक: मुंह पर धुआं उड़ाने से रोका तो रेता गला, सनकी कातिल को उम्रकैद
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नई दिल्‍ली (आरएनएस)। दिल्ली द्वारका अदालत ने सिगरेट के धुएं का विरोध करने पर महिला की चाकू से गला रेतकर हत्या करने वाले आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दिल्ली की द्वारका जिला अदालत ने साल 2021 में एक महिला की चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या करने के मामले में दोषी दलीप कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज गुप्ता की अदालत ने आरोपी दलीप को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी करार दिया था। अदालत ने अपने फैसले में पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत चश्मदीदों की गवाही, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों को अत्यंत महत्वपूर्ण और अटूट माना है।
मामला डाबड़ी थानाक्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, तीन अक्तूबर 2021 की रात करीब साढ़े दस बजे का है। अभियोजन पक्ष ने बताया कि डाबड़ी के राजापुरी स्थित सोम बाजार रोड पर जनरल स्टोर चलाने वाली विभा देवी की दुकान पर नशे में धुत आरोपी दलीप सिगरेट पीने आया था। तीसरी सिगरेट पीने पर वह उसका धुआं विभा के मुंह पर उड़ा रहा था। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने अपने पास रखे थैले से चाकू निकाला और महिला को पीछे से दबोचकर चाकू से उसकी गर्दन पर गहरा वार कर दिया। इससे महिला की सांस नली व खून की धमनियां कट गईं और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से मिले सीसीटीवी फुटेज और दोषी की निशानदेही पर बरामद खून से सने चाकू को अहम साक्ष्य बनाया था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज भी पेश की, जिसमें पूरी वारदात और आरोपी की हरकतें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थीं। इसके अलावा, आरोपी की निशानदेही पर बरामद किए गए चाकू और उस पर लगे खून के धब्बों की एफएसएल रिपोर्ट को भी ठोस सबूत के रूप में पेश किया गया, जिससे पीड़ित और आरोपी के डीएनए का मिलान सिद्ध हुआ।
सजा पर बहस के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक वीके स्वामी ने अदालत से आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष दलील देते हुए कहा कि दोषी द्वारा किया गया अपराध अत्यंत गंभीर और जघन्य प्रवृत्ति का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्थान पर एक बेकसूर महिला का इतने अमानवीय तरीके से कत्ल करने वाला अपराधी समाज में किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी की उम्र और विधवा बहन की जिम्मेदारी का हवाला देते हुए सजा कम करने की मांग की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

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