दुखद: सितारगंज हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार डंपर, मामा-भांजे की दर्दनाक मौत
बगवाड़ा मंडी के सामने हुआ भीषण हादसा, रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था रोहित; परिवार में मचा कोहराम
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले में सितारगंज हाईवे पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बगवाड़ा मंडी के सामने शुक्रवार रात तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से बाइक सवार मामा-भांजे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में 22 वर्षीय रोहित चौहान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल उसके 46 वर्षीय मामा अक्षय लाल चौहान की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही से पैदा हो रहे खतरे को उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर निवासी रोहित चौहान शुक्रवार रात अपने मामा अक्षय लाल चौहान को रेलवे स्टेशन छोड़ने के लिए बाइक से निकला था। अक्षय लाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे और बाघ एक्सप्रेस ट्रेन से अपने घर लौटने वाले थे। दोनों जब रात करीब 10 बजे बाइक से बगवाड़ा मंडी के सामने सितारगंज हाईवे पर पहुंचे, तभी तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में रोहित चौहान की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अक्षय लाल चौहान को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। एक ही हादसे में मामा-भांजे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था रोहित
रोहित चौहान अपने परिवार में चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता के मुताबिक, रोहित सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था और परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था। उससे परिवार को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सड़क हादसे ने परिवार का सहारा छीन लिया। जवान बेटे की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
सितारगंज हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बगवाड़ा मंडी के सामने हुए इस हादसे में दो लोगों की जान जाने के बाद तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है। हाईवे पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए भारी वाहन विशेष रूप से जोखिम पैदा करते हैं। ऐसे में गति नियंत्रण, यातायात नियमों का सख्ती से पालन और दुर्घटना संभावित स्थानों पर प्रभावी सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।
फिलहाल इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है। जिस रोहित को अपने मामा को रेलवे स्टेशन छोड़कर लौटना था, वह खुद घर वापस नहीं पहुंच सका। एक सामान्य पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने निकले मामा-भांजे की मौत ने सड़क पर जरा-सी लापरवाही और तेज रफ्तार के गंभीर परिणामों की याद दिला दी है।

