उपेक्षा: क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत के नाम पर बने विद्यालय की अनदेखी से लोग नाराज़

उपेक्षा: क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत के नाम पर बने विद्यालय की अनदेखी से लोग नाराज़
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विद्यार्थियों के लिए चार कक्ष बनाकर ठेकेदार ने विद्यालय भवन पर ठोक दिया ताला

कोटद्वार। आदर्श विद्यालय जीआईसी में विद्यार्थियों के पठन-पाठन के लिए चार कक्षों का निर्माण तो कराया गया लेकिन ठेकेदार ने उस पर ताला लगा दिया है। कार्यदायी संस्था उत्तराखंड कृषि विपणन बोर्ड को शिक्षा विभाग की ओर से केवल साठ फीसदी धनराशि का भुगतान किया गया है। विकासखंड दुगड्डा के क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत आदर्श विद्यालय में सह शिक्षा के तहत छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि होने से चार अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य कराया गया। शिक्षा विभाग की ओर से उत्तराखंड कृषि विपणन बोर्ड को कार्यदायी संस्था बनाया गया। एक करोड़ की लागत से निर्माण कार्य संपन्न कराया जाना था। निर्माण कार्य धीमी गति से कराए जाने के कारण 20 माह बीतने के बाद भी नवनिर्मित भवन को विद्यालय के सुपुर्द नहीं किया गया है। अब बरसात शुरू होने वाली है। कक्षों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं को बारिश के दौरान असुविधा होगी। इस संबंध में कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता विपुल पोखरियाल ने बताया कि नवनिर्मित भवन विद्यालय को हैंडओवर करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदार को अवगत करा दिया गया है कि शेष 40 फीसदी भुगतान शिक्षा विभाग की ओर से करने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
प्रधानाचार्य गिरीशचंद्र  ने बताया कि नवनिर्मित भवन को कार्यदायी संस्था की ओर से हैंडओवर नहीं किया गया है। विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि होने से अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता है। निर्माण कार्य के बाद ठेकेदार द्वारा भवन के प्रवेश द्वार पर ताला लगाना अनुचित है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

शिक्षिका बबीता बिष्ट ने अपने पैसों से बनवा दिया मुख्य गेट और लगवा दी जाली
दूसरी ओर, विकासखंड जयहरीखाल के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेंधीखाल की प्रधानाध्यापिका बबीता बिष्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी मिसाल पेश कर दी है। बिष्ट ने निजी खर्च पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा जाली लगवाई। इतना ही नहीं दीवार व मुख्य गेट भी लगवाया। क्षेत्र में बाघ समेत कई जंगली जानवरों के होने से खतरा बना रहता है। इस पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेंधीखाल की प्रधानाध्यापिका बबीता बिष्ट ने विद्यालय परिसर को सुरक्षित बनाने का निर्णय लिया और अपने स्तर से कार्य कराकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इसमें करीब 60 हजार की धनराशि खर्च हुई। क्षेत्रीय जनता के साथ ही प्रभारी बीआरसी चंद्रमोहन सिंह रावत ने प्रधानाध्यापिका बबीता बिष्ट के इस कार्य की सराहना की है। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी बिष्ट के प्रयासों की सराहना की है।

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