विरोध: कांग्रेस ने क्लस्टर विद्यालयों के विरोध में राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
कोटद्वार। जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में विभिन्न विद्यालयों को मर्ज कर क्लस्टर विद्यालय खोलने की प्रदेश सरकार की योजना का विरोध किया है। कहा कि यह योजना पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कारगर नहीं है। इस संबध में जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष विनोद डबराल के नेतृत्व में बुधवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से कई विद्यालयों को मर्ज कर क्लस्टर विद्यालय खोलने की प्रक्रिया चल रही है, जो पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कारगर नहीं है। ये योजना छात्र-छात्राओं के विद्यालय में पहुंचने के लिए दूरी को बढ़ायेगी। वर्तमान में भी कई पहाड़ी स्थानों के छात्र-छात्राओं को लंबी दूरी तय कर जंगलों के रास्ते विद्यालय पहुंचना पड़ता है। ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को क्लस्टर विद्यालय खोलने के स्थान पर विद्यालयों में रिक्त पड़े प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के पद पर शीघ्र नियुक्ति करनी चाहिए। ज्ञापन में राज्यपाल से इस संबध में प्रदेश सरकार को अविलंब निर्देशित करने की मांग की गई है। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में रंजना रावत, बलबीर सिंह रावत, गोपाल सिंह, योगंबर चौहान, विनय मोहन नेगी, लक्ष्मी चौहान, शीला भारती और महावीर नेगी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग
दूसरी तरफ, गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में लगातार बंदर व लंगूरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदरों के आतंक से बुजुर्ग व बच्चों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। बुधवार को वार्ड नं. 6 काशीरामपुर तल्ला क्षेत्र के लोग पार्षद सूरज कांति के नेतृत्व में प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में वार्ड नं. 6 में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। बंदरों को भगाने पर वे उल्टा काटने को दौड़ रहे है, वहीं कई लोगों पर हमला भी कर चुके है। बंदर खेतों में उगी साग-सब्जी को चट करने के साथ ही पेड़ पौधों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे है। ज्ञापन में वार्डवासियों ने प्रभागीय वनाधिकारी से बंदरों को पकड़कर क्षेत्र से बाहर छोड़ने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में सरिता देवी, कविता देवी, नीलम कुकरेती, कुसुम रावत, बीना रावत और जयंती सहित अन्य लोग शामिल रहे।

