सराहनीय: हाई रिस्क गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव, स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बची जान

सराहनीय: हाई रिस्क गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव, स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बची जान
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चमोली। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता के मार्गदर्शन में जनपद चमोली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दशोली ब्लॉक के खैनुरी गांव की उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि रही। खैनुरी गांव की 26 वर्षीय श्रीमती विनीता देवी पत्नी सूरज लाल, को गर्भावस्था के सातवें महीने के अंत में अत्यधिक खून की कमी (हीमोग्लोबिन केवल 7 ग्राम) पाई गई थी। इससे उनके प्रसव में जटिलताएं उत्पन्न होने की आशंका थी। समय पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा महिला की स्थिति को पहचाना गया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पुरोहित के नेतृत्व में एएनएम कुसुम बिष्ट एवं आशा कार्यकर्ता सतेश्वरी देवी द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दशोली में महिला को ‘आयरन सुक्रोज इंजेक्शन’ द्वारा विशेष आयरन थेरेपी दी गई। लगातार फॉलोअप के बाद आज 18 जुलाई 2025 को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर आशा कार्यकत्री एवं एएनएम द्वारा महिला को स्वास्थ्य विभाग के वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमोली लाया गया, जहां अनुभवी महिला चिकित्सक एवं प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में महिला का सफल प्रसव कराया गया। विनीता देवी ने 3.50 किलोग्राम वजन के स्वस्थ नवजात पुत्र को जन्म दिया। वर्तमान में जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। उल्लेखनीय है कि प्रसव के समय महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता, समय पर उपचार एवं ग्रामीण स्वास्थ्य टीम की सजगता के चलते एक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया।जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सभी गर्भवती महिलाओं की जांच एवं देखरेख कर रही है ताकि किसी भी जटिलता की स्थिति में समय रहते आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

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