चारधाम यात्रा: महाराज ने किया ट्रांजिट केंद्र का औचक निरीक्षण; यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के दिए निर्देश

चारधाम यात्रा: महाराज ने किया ट्रांजिट केंद्र का औचक निरीक्षण; यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के दिए निर्देश
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ऋषिकेश।  प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री धामों के आसपास के क्षेत्र में भी रुकें। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में वायरलेस सेट नहीं होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल से दूरभाष पर बातकर उन्हें तत्काल वायरलेस सेट लगाने के निर्देश दिए। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज शनिवार को अचानक चारधाम यात्रियों के पंजीकरण के लिए बने ऋषिकेश बस टर्मिनल के समीप स्थित सबसे बड़े ट्रांजिट केंद्र और जांच केंद्र पर पहुंच कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यात्री विश्राम कैम्पों में जाकर यात्रियों से भी बातचीत की। सभी यात्री सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आये। मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी वैसे-वैसे यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। इसलिए हमें अभी से तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ट्रांजिट केंद्र में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। यात्रियों का ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन और स्वास्थ्य कैंप लगाकर जांच की जा रही है। ट्रांजिट केंद्र में यात्रियों के खानपान, आराम और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवी-देवताओं की पवित्र भूमि है। इसलिए इस बात का प्राथमिकता से ध्यान रखें कि यात्रा के दौरान कहीं भी प्लास्टिक, कचरा और शोर-शराबा न हो। धामों को साफ-सुथरा रखना ही सबसे बड़ी पूजा है। सेवा कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला प्रशासन से उन्होंने कहा है कि यात्री हमारे अतिथि हैं। इसलिए उनके साथ हमेशा मधुर व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों को यहां की जलवायु के अनुसार ढलना जरूरी है। जलवायु के अनुकूल ढलने से उन्हें दिक्कत नहीं होगी। धामों के आसपास कई और जगह है जहां यात्री रुक सकते हैं और आसपास के मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश, देवप्रयाग, जोशीमठ आदि स्थानों पर एक दिन अवश्य रुकें। शरीर को ऊंचाई का आदी होने दें। इस अवसर पर यात्रा प्रशासन एवं नियंत्रण संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनमोहन सिंह रावत, विशेष कार्यअधिकारी डा प्रजापति नौटियाल आदि मौजूद रहे।

 

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