न्याय: हत्यारोपी नौकर को 24 साल बाद हुई उम्रकैद, मालिक की हत्या करने का था आरोप

न्याय: हत्यारोपी नौकर को 24 साल बाद हुई उम्रकैद, मालिक की हत्या करने का था आरोप
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संवाददाता
पिथौरागढ़। कहते हैं न्याय के मंदिर में देर हो सकती है लेकिन अंधेर नहीं। ऐसा ही एक मामला यहां सामने आया है। जिले के थल कस्बे में 24 साल पहले व्यापारी की हत्या हो गई थी। हत्या का आरोप व्यापारी के ही नौकर पर लगाया गया था। घटना के पूरे 24 साल के बाद अब न्यायालय ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 1997 में थल में एक कपड़ा व्यापारी की हत्या कर उसका शव रामगंगा नदी किनारे फेंक दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बागेश्वर के व्यापारी प्रकाश लाल ग्रोवर ने थल व बेरीनाग में किराए की दुकान लेकर कपड़े का व्यापार शुरू किया था। बुजुर्ग व्यापारी ने छोटे लाल को नौकर के तौर पर अपने साथ रखा। इसी बीच एक दिन अचानक नौकर ने तवे से वार कर व्यापारी को मौत के घाट उतार दिया और शव को कपड़े में लपेटकर रामगंगा नदी किनारे फेंक दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस हत्यारे तक पहुंची और उसे डीडीहाट न्यायिक बंदी गृह भेज दिया गया। लेकिन कुछ समय बाद मौका पाकर हत्यारोपी फरार हो गया। संयोग से इसी वर्ष बीते जून माह में छोटेलाल फिर से पुलिस की गिरफ्त में आ गया। तब से मामला न्यायालय में चल रहा था, जिस पर गुरुवार को निर्णय आया। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने सभी पक्षों व गवाहों को सुनने के बाद हत्यारे को धारा 302 के तहत उम्रकैद, 10 हजार जुर्माना व धारा 201 के तहत पांच वर्ष कठोर कारावास व पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ चलेंगी। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत व सह शासकीय अधिवक्ता प्रेम सिंह भंडारी ने की।

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