प्रतिक्रिया: विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी जयचंद कहना चाहिए, मीर जाफर से राहुल गांधी की तुलना पर भड़के पवन खेड़ा

प्रतिक्रिया: विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी जयचंद कहना चाहिए, मीर जाफर से राहुल गांधी की तुलना पर भड़के पवन खेड़ा
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नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से करने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सख्त एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि फिर तो विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी जयचंद कहना चाहिए।
पवन खेड़ा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति सात बार कहते हैं कि उन्होंने व्यापार रोकने की धमकी दी, तब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को रोक दिया। क्या पहलगाम का बदला पूरा हो गया था? पहलगाम में निर्दोष लोगों का खून बहाने वाले सभी आतंकी मारे गए।
कांग्रेस नेता ने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर कहते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन की शुरुआत में अमेरिका और पाकिस्तान को सूचित किया था। ऑपरेशन की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना क्यों जरूरी था? अगर आप शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित कर सकते थे, तो आपने पुंछ के लोगों को क्यों नहीं बताया कि आप क्या कर रहे थे? आपने अपने नागरिकों की सुरक्षा क्यों नहीं की?
एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत सरकार से सवाल पूछना बहुत स्वाभाविक है, हम पाकिस्तान से नहीं पूछेंगे। पाकिस्तान को हमारी सेना ने अच्छी तरह से जवाब दिया और डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में जानकारी दी, और पूरा देश उनके साथ है। जो हमारी सेना ने बताया है, हमें उस पर पूरा भरोसा है। लेकिन सरकार और राजनेताओं से विस्तृत जानकारी इसलिए मांगी जा रही है क्योंकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद कहा था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि इस देश का राजनीतिक नेतृत्व डरपोक है, जो अमेरिका के दबाव में सीजफायर के फैसले के लिए तैयार हो गया।
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस पीएम मोदी से कुछ सवालों के जवाब मांगती है। पीएम मोदी बताएं कि किन कारणों से सीजफायर करना पड़ा। आखिर वह क्या वजह थी कि सिंदूर का सौदा किया गया? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को पहले क्यों सूचित किया गया? पहलगाम आतंकवादी हमला किसकी चूक की वजह से हुआ? इसके पीछे जो लोग हैं, उन पर सरकार क्या एक्शन ले रही है?

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