दुष्प्रभाव: रोडवेज ने भुगता एन एच बंद होने का खामियाजा, छह दिन में लगी 60 लाख की चपत
चम्पावत। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने का खामियाजा परिवहन निगम भुगत रहा है। यहां बीते छह दिन से एनएच में रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो सका है। इससे जिले के दोनों डिपो को अब तक 60 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। लोहाघाट को प्रतिदिन चार लाख और टनकपुर डिपो को छह लाख रुपये का नुकसान हुआ। चम्पावत जिले के अंतर्गत रोडवेज के लोहाघाट और टनकपुर डिपो आते हैं। दोनों डिपो में कुल 137 बसें हैं। इनमें से हर दिन 120 बसों का संचालन होता है। लोहाघाट डिपो में कुल 32 बसें हैं, जिनमें से 30 बसों को संचालन प्रतिदिन किया जाता है। जबकि टनकपुर डिपो में कुल 105 बसों में से 90 बसें संचालित होती हैं। लोहाघाट डिपो को प्रतिदिन चार लाख रुपये की आय होती है। जबकि टनकपुर डिपो को करीब छह लाख रुपये की आमदनी होती है। दोनों डिपो से पहाड़ को बीते 13 सितंबर से रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो सका है। इन छह दिनों में दोनों डिपो को 60 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। दोनों डिपो से नैनीताल, धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, पिथौरागढ़, बेरीनाग, रामनगर, हल्द्वानी, दिल्ली को बसें संचालित होती हैं।
‘लोहाघाट और टनकपुर डिपो से 13 सितंबर से बसों का संचालन नहीं हो सका। एनएच बंद होने से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। छह दिनों में करीब 60 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।’
– नरेंद्र गौतम, एआरएम, चम्पावत।

