दल-बदल: फिर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत
संवाददाता
नई दिल्ली, 21 जनवरी। कई दिनों की नानुकुर के बाद कांग्रेस ने आखिरकार भाजपा से निष्कासित पूर्व कैबिनेट मंत्री डाॅ हरक सिंह रावत के लिए अपने दरवाजे खोल ही दिए। शुक्रवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने अपनी पुत्रवधु अनुकृति गुसाईं के साथ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा से निष्कासन के बाद से ही डॉ हरक सिंह रावत पिछले पांच दिनों से दिल्ली में थे। कभी उनके कांग्रेस में जाने और कभी भाजपा में ही वापसी के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन ऐसी तमाम कयासबाजियों पर आज विराम लग गया।
आखिरकार पूर्व कैबिनेट मंत्री डाॅ हरक सिंह रावत कांग्रेस में शामिल कर लिया गया। कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत पार्टी के तमाम शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। गौरतलब है कि डॉ हरक सिंह रावत पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, उन्हें एक टिकट की शर्त पर ही कांग्रेस में वापस लिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा चुनाव में या तो डॉ हरक सिंह रावत को या फिर उनकी बहू को ही टिकट मिल सकता है। बहरहाल डॉ हरक सिंह रावत ने एक बार फिर कांग्रेस में वापसी कर ली है।
शुक्रवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस के वार रूम में उन्होंने अपनी पुत्रवधु अनुकृति गुसाईं के साथ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि कांग्रेस डॉ हरक सिंह रावत की पुत्रवधु एवं पूर्व मिस इंडिया को लैंसडौन सीट से चुनाव में उतार सकती है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने 20 साल तक कांग्रेस के लिए संघर्ष किया है। एक बार फिर कांग्रेस को मजबूत करने में सब लोग जुटेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के लिए उन्होंने कोई शर्त नहीं रखी है, वे बिना शर्त पार्टी में शामिल हुए हैं। माफी मांगने के सवाल पर डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस में लिया जाना ही उनके लिए सबसे बड़ी माफी है। उन्होंने कहा कि हरीश भाई ने उनका दिल से स्वागत किया है।
