सुनवाई: आयुक्त दीपक रावत ने जनसुनवाई में मौके पर किया समस्याओं का समाधान
अस्पताल में फर्ज़ी उपस्थिति दर्ज करने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई के दिए निर्देश
हल्द्वानी। आयुक्त दीपक रावत ने कैम्प कार्यालय में जनसुनवाई कर मौके पर शिकायतों का समाधान किया। जन शिकायतों में अधिकांश शिकायतें, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद व अतिक्रमण, सड़क, जलभराव, आपदा राहत आदि से सम्बन्धित आई।
कई वर्षों से लम्बित भूमि विवाद की समस्याओं में धनराशि व भूमि वापस मिलने पर लोगों द्वारा आयुक्त का आभार व्यक्त किया गया।
कमिश्नर रावत ने कहा कि जनपद के सभी सीएचसी-पीएचसी सेंटरों में बायोमैट्रिक मशीन से चिकित्सक एवं कार्मिकों की उपस्थित अनिवार्य है। इसके लिए सीएमओ को सभी पीएचसी सेंटरों में बायोमैट्रिक मशीनें लगवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयुक्त रावत ने कहा कि पर्वतीय जनपदों में दूरस्थ क्षेत्रों में जहां पर निजी चिकित्सालय नहीं हैं। लोगों को सरकारी चिकित्सालयों पर ही आश्रित होना पड़ता है और आपदा के दौरान सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाने से मार्ग बन्द हो जाते हैं, और लोग कहीं नहीं जा सकते। ऐसे हालात में पर्वतीय क्षेत्रों के ऐसे चिकित्सालयों में डाक्टरों एवं कार्मिकों की नियुक्ति शतप्रतिशत अनिवार्य है। आयुक्त रावत ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ हरीश चन्द्र पंत को पर्वतीय क्षेत्रों में इस प्रकार के चिकित्सालयों में शतप्रतिशत चिकित्सक की तैनाती के निर्देश दिये।आयुक्त रावत ने सीएमओ को निर्देश दिये कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में जहां पीएचसी सेंटर हैं, उनकी साप्ताहिक मानिटरिंग करना सुनिश्चित की जाए।
जनसुनवाई में काफी संख्या में भूमि विवाद आने पर आयुक्त ने भूमि क्रय करने वाले सभी क्रेताओं से कहा कि भूमि क्रय करने के पश्चात भूमि का सीमांकन व चाहरदीवारी अवश्य कर लें। उन्होंने कहा कि लोग भूमि क्रय कर लेते हैं लेकिन सीमांकन व चाहरदीवारी नहीं करने से कुछ वर्षों के पश्चात मौके पर भूमि उपलब्ध नहीं होती है। उस स्थान पर दूसरा व्यक्ति काबिज हो जाता है। इसलिए इस प्रकार के कृत्य से बचने के लिए भूमि सीमांकन अवश्य करें। विगत दिनों आयुक्त दीपक रावत द्वारा ओखलढूंगा चिकित्सालय में वार्ड ब्वॉय द्वारा उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने पर आयुक्त ने सीएमओ के साथ ही ओखलढूंगा के चिकित्सक डा सोहित चंद्र को तलब किया। जुलाई में डा सोहित चंद्र केवल दो दिन ही आये लेकिन हस्ताक्षर पंजिका में पूरे माह के हस्ताक्षर किये गये। ओखलढूंगा के चिकित्सक के बयान से आयुक्त संतुष्ट न होने पर आयुक्त ने मुख्य विकास अधिकारी को उनके खिलाफ जांच करने के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाये जाने पर सम्बन्धित चिकित्सक के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाए।
जनसुनवाई में रामगढ़ निवासी भुवन चंद्र ने शिकायत की कि रामगढ़ ब्लाक में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जो नये कार्य किये जा रहे हैं, उनमें जलसंस्थान द्वारा पुरानी पाईप लाईनों से पानी जोड़ दिया गया है। नई पाईप लाईन नहीं बिछाई गई है। इस पर आयुक्त ने जेजेएम के अधिशासी अभियंता को कार्यालय में तलब कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

