दुर्दशा: बूढ़ाकेदार-कमद सड़क पर छह माह बाद भी नहीं भरे आपदा के जख्म

दुर्दशा: बूढ़ाकेदार-कमद सड़क पर छह माह बाद भी नहीं भरे आपदा के जख्म
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नई टिहरी। उत्तरकाशी जिले की गाजणा पट्टी और टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार क्षेत्र को जोड़ने वाला बूढ़ाकेदार-अयांरकाखाल-कमद मोटर मार्ग आपदा के जख्मों से नहीं उबर पाया है। बीते अगस्त- सितंबर में आपदा से सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन तब से छह माह का समय बीतने के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है। आपदा के दौरान अयांरकाखाल से कमद के बीच कई स्थानों पर सड़क के पुश्ते पूरी तरह ध्वस्त हो चुके थे। सड़क किनारे सुरक्षा दीवारें टूट गई है। संवेदनशील स्थानों पर लोनिवि की ओर से कोई वैकल्पिक सुरक्षा इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। चेतावनी संकेत भी नहीं लगाए गए हैं और न ही अस्थायी बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।

यह मार्ग गंगोत्री से केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी है। इन दिनों चल रहे यात्रा सीजन के दौरान प्रतिदिन हजारों यात्री इसी मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं लेकिन बदहाल सड़क और टूटी सुरक्षा दीवारों के बीच उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य गंगा सिंह बिष्ट का कहना है कि आपदा के बाद से ही लगातार सड़क की मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

लोनिवि का कहना है कि बूढ़ाकेदार-अयांरकाखाल-कमद सड़क की दीवारें आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थीं। उनकी मरम्मत के लिए आपदा मद से धनराशि स्वीकृत कराने का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। अन्य मदों से धनराशि की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।

(प्रतीकात्मक फोटो)

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