आलोचना: सीपीएम के राज्य प्रभारी कामरेड बीजू कृष्णन ने मोदी सरकार के कार्यकाल को बताया कष्टकारी
देहरादून। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के केन्द्रीय कमेटी के सदस्य एवं पार्टी राज्य प्रभारी कामरेड बीजू कृष्णन ने कहा है कि मोदी सरकार का कार्यकाल आमजन के लिए बहुत कष्टकारी साबित हुआ है। वे देहरादून में उत्तराखंड राज्य कमेटी द्वारा आयोजित एक दिवसीय बैठक में अपने विचार रख रहे थे। बैठक सीपीएम राज्य कार्यालय में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता कामरेड एस एस सजवाण ने की तथा संचालन राज्य सचिव कामरेड राजेन्द्र सिंह नेगी ने किया। बैठक से पूर्व आपदा में मारे गये लोगों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया ।
अपने सम्बोधन में कामरेड कृष्णन ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में लगभग 4 लाख लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें 2 लाख 50 हजार मजदूर ,एक लाख किसान तथा 50 हजार बेरोजगार शामिल हैं ।अपुष्ट आंकड़े कई गुना अधिक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कारपोरेट परस्त नीतियों ने देश को तबाह करके रख दिया है तथा साम्प्रदायिक एवं फूटपरस्त नीतियों ने आमजन में भारी अविश्वास का वातावरण तैयार कर दिया है। सरकार ने तमाम संवैधानिक संस्थाओं को या तो कमजोर किया या फिर अपने निहित स्वार्थ के लिए विरोधी विचारों को दबाने के लिए उनका दुरुपयोग किया। कृष्णन ने कहा कि महगांई , बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार मोदी सरकार के कार्यकाल में चरम पर हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त माह में पार्टी ने देशभर में ज्वलंत मुद्दों पर हस्तक्षेप किया, जिसमें मणिपुर की जनता के साथ एकजुटता तथा नूह में मोदी सरकार द्वारा रचित साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश का देशव्यापी भंडाफोड़ किया गया। बैठक में
राज्य की घटनाओं पर वक्ताओं ने चिन्ता व्यक्त करते हुए उत्तराखंड में बढ़ रही साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त करते हुए पुरोला सहित विकासनगर तथा सहसपुर आदि में हुई तनाव की घटनाओं पर पार्टी के हस्तक्षेप पर चर्चा की गयी । आपदा पीड़ितों की समस्याओं पर पार्टी इकाईयों के हस्तक्षेप पर भी वक्ताओं ने अपनी बात रखी। बैठक में राज्य में मजबूत पार्टी के निर्माण का संकल्प भी लिया गया।
इस अवसर पर कामरेड गंगाधर नौटियाल, राजेन्द्र पुरोहित, महेन्द्र जखमोला, भूपाल सिंह रावत , शिवप्रसाद देवली , विरेन्द्र गोस्वामी ,अनन्त आकाश ,कमरूद्दीन ,लेखराज ,माला गुरूंग ,दमयंती नेगी ,उमा नौटियाल,आर पी जखमोला ,आर पी जोशी ,सुरेंद्र रावत,नितिन मलेठा व हिमांशु आदि ने विचार व्यक्त किये।
