आपदा: उत्तराखंड में अतिवृष्टि से जनजीवन, सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में खाद्यान्न संकट के आसार
देहरादून। राज्य में बीते एक माह से भारी बारिश का जो सिलसिला जारी है वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग द्वारा 2 दिन पूर्व की गई भविष्यवाणी के अनुरूप राजधानी दून सहित पूरे राज्य में भारी बारिश का क्रम जारी रहा। बीती रात राजधानी में भारी बारिश के कारण पूरा शहर पानी पानी हो गया और सड़कों पर सैलाब जैसी स्थिति देखी गई, जिसके कारण आवागमन में भारी दिक्कतें हुईं। कई जगह वाहन पानी में फंस गए।

उधर ऋषिकेश और हरिद्वार में भारी बारिश के कारण कई बस्तियों और क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लक्सर में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। चमोली में भू-धंसाव के कारण 40 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं तथा घरों के क्षतिग्रस्त होने से लोग परेशान हैं। कोटद्वार में गदेरे में आए उफान से एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। गनीमत रही कि चालक ने किसी तरह गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली। कोटद्वार में भारी बारिश के बीच सिद्धबली मंदिर के पास भारी भूस्खलन के कारण रास्ता बंद हो गया है।

दुगड्डा और कोटद्वार मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही बंद हो गई है। उधर टिहरी के 94 नेशनल हाइवे पर भारी भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे बंद हो गया है। बागेश्वर से भी भारी बारिश की खबरें हैं तथा सरयू नदी उफान पर है। बीते कल टिहरी के चंबा में हुए भूस्खलन की घटना में रेस्क्यू के दौरान एक शव बरामद कर लिया गया है, जबकि 4 लोगों के शव पहले ही मिल चुके हैं।
राज्य में हो रही भारी बारिश के कारण दून सहित तमाम जिलों में आज स्कूल बंद रखे गए। अब एक बार फिर मौसम विभाग द्वारा दून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर तथा उधम सिंह नगर सहित 7 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट तथा उत्तरकाशी, हरिद्वार, चमोली, पिथौरागढ़ सहित पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। राज्य में 206 सड़कें बंद हैं तथा गंभीर खाद्य संकट पैदा हो गया है।
