बड़ी खबर: लखीमपुर हिंसा के आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का निर्णय
आशीष को एक हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण का आदेश
नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुए लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को अब फिर से जेल जाना पड़ेगा। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा उर्फ टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को पलटते हुए आरोपी मिश्रा को एक हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़ित पक्ष को नहीं सुना। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफआईआर, पीड़ित परिवार और बाकी तमाम बिंदुओं पर विचार करते हुए आशीष मिश्रा की जमानत तत्काल रद्द की जाती है। आशीष मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 10 फरवरी को जमानत दी थी। तब आशीष 15 फरवरी को 129 दिनों बाद जेल से रिहा हुआ था। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को किसानआंदोलन के दौरान ही बवाल हुआ था। तीन गाड़ियां प्रदर्शन कर रहे लोगों को कुचलते हुए चली गई थीं। घटना में चार किसानों सहित कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। गाड़ी से कुचलकर मारे गए किसानों के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों ने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत खारिज कर उसे फिर से जेल भेजे जाने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की है। इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने यूपी सरकार से गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एनवी रमणा, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए किसान यूनियन ने इसे सच्चाई की जीत बताया है

