राय: मॉडर्न वॉरफेयर को मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स की जरूरत है; बोले सीडीएस अनिल चौहान

राय: मॉडर्न वॉरफेयर को मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स की जरूरत है; बोले सीडीएस अनिल चौहान
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श्रीनगर। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि युद्ध के तरीके में बड़ा बदलाव आ रहा है, जिसके लिए डोमेन-सेंट्रिक अप्रोच से मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स में बदलाव की जरूरत है.
सीडीएस ने श्रीनगर में मौजूद चिनार कॉर्प्स के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि युद्ध के तरीके में बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है, जिसके लिए डोमेन-सेंट्रिक अप्रोच से मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस की ओर बदलाव की जरूरत है, जो एक मजबूत और इंटीग्रेटेड आर्किटेक्चर पर आधारित हो.
उन्होंने संयुक्तता की अहमियत पर जोर दिया और इस बात पर बल दिया कि जमीन, हवा, समुद्र, साइबर, स्पेस और कॉग्निटिव डोमेन में बिना रुकावट इंटीग्रेशन, अहम नतीजे पाने के लिए जरूरी है. उन्होंने भविष्य की लड़ाइयों के लिए जॉइंट ट्रेनिंग में तेजी लाने, सिद्धांतों में तालमेल बिठाने और सभी डोमेन में एक जैसा असर डालने के लिए इंटरऑपरेबल कमांड और कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने की बात कही.
सीडीएस चौहान ने श्रीनगर में चिनार कॉर्प्स के तहत स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों का दौरा किया और नॉर्थ कश्मीर में एलओसी पर सुरक्षा हालात और ऑपरेशनल स्थिति का रिव्यू किया और फॉर्मेशन की शानदार ऑपरेशनल तैयारी, सिद्धांतों में तालमेल और पक्के प्रोफेशनलिज्म की तारीफ की. बारामूला में उन्हें फ्यूचर फोर्स एप्लीकेशन और टेक्नोलॉजी इन्फ्यूजन के बारे में जानकारी दी गई.
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के बयान के मुताबिक सीडीएस ने उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए एक सोचे-समझे रोडमैप की जरूरत पर जोर दिया. ऐसा रोडमैप जो मिलकर किए गए प्रयासों से टेक्नोलॉजी को अपनाए, सोचने-समझने की ताकत और मिलकर तैयारी को बढ़ावा दे.
उन्होंने दोहराया कि जिन खतरों की बात हो रही है, उनके लिए तैयारी दूर की सोच, इनोवेशन, एक साथ लड़ने की सोच और पूरे देश की कोशिश पर आधारित होनी चाहिए. उन्होंने बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए ऑपरेशनल तैयारी और लचीलेपन के महत्व पर जोर दिया.
जनरल चौहान ने सभी रैंक के लोगों से ऑपरेशनल एक्सीलेंस बनाए रखने, मिलकर काम करने को जिंदगी का तरीका बनाने और आने वाले संघर्षों में पूरी तरह से हावी होने के लिए तैयार रहने को कहा. उन्होंने बारामूला में सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के प्रतिनिधियों, जानी-मानी हस्तियों और अधिकारियों से भी बातचीत की और देश बनाने की कोशिशों का रिव्यू किया.

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