दुश्वारियां: पांच गांवों की तीन हजार आबादी गैस संकट से प्रभावित, फसलों पर जंगली सुअरों का कहर

दुश्वारियां: पांच गांवों की तीन हजार आबादी गैस संकट से प्रभावित, फसलों पर जंगली सुअरों का कहर
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बागेश्वर। जोलकांडे, लेटी, बोरगांव, शीशाखानी और सननकोट गांवों में गैस आपूर्ति बाधित होने से करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन माह से गैस वितरण तकनीकी कारणों से प्रभावित है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। मजबूरन लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि अन्य स्थानों पर भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
उधर, कत्यूर घाटी के कई गांवों में इन दिनों जंगली सुअरों का आतंक हो गया है। जंगली सुअरों के झुंड खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। परेशान किसानों ने वन विभाग से जंगली सुअरों को मारने की अनुमति देने की मांग की है। कत्यूर घाटी के बाड़ीखेत, डोबा नौघर, उड़खुली, तिलसारी, धैना, मैगड़ीस्टेट, मुझारचौरा, ज्वणास्टेट, नौटा, कटारमल, जखेड़ा, छत्यानी,मजकोट समेत गोमती घाटी, लाहुर घाटी के दर्जनों गांवों में जंगली सुअरों का आतंक हो गया है। सुअर न केवल फसलों और सब्जियों को तहस-नहस कर रहे हैं बल्कि अब ग्रामीणों पर हमला भी कर रहे हैं। जंगली सुअर फसल नष्ट कर खेतों में गड्ढे बना दे रहे हैं। रातभर झुंडों में घुसे सुअर खेतों में डेरा डाले रहते हैं। इस कारण पूरी फसलें बर्बाद हो रही हैं।

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