आक्रोश: गुलदार की दहशत से निजात नहीं मिलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, किया प्रदर्शन

आक्रोश: गुलदार की दहशत से निजात नहीं मिलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, किया प्रदर्शन
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पौड़ी।  मुख्यालय से सटे घुड़दौड़ी क्षेत्र के बलमणा – चिवालु गांव में गुलदार की दहशत से निजात दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यालय में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर आक्रोश जताया। साथ ही तीन सूत्री मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। मंगलवार को गुलदार प्रभावित बलमणा- चिवालु समेत जामला, ढूंगी, खड़ेत, तुंगर, दालमी समेत विभिन्न ग्राम सभाओं के प्रधानों व ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि बीते 10 मार्च को बलमणा-चिवालु निवासी प्रकाश (47) को गुलदार ने मार डाला था। तब से क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने बच्चों के प्रभावित हो रहे पठन-पाठन पर भी चिंता जताई। अभिभावकों को डर के साये में बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है। जामला की प्रधान सपना पंवार ने बताया कि अभिभावक व प्रधानों की आपसी सहमति से गुलदार की घटना के बाद बीते तीन दिनों तक स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया था लेकिन प्रशासन की ओर से क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठाेस उपाय नहीं किए गए। धरना स्थल पर पहुंचीं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र ही मामले का स्थायी समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। इस मौके पर कलावती देवी, कल्पना रावत, सोनी देवी, ऊषा देवी, कविता देवी, बबीता देवी, तामेश्वर आर्य, मोहित सिंह, आस्कर रावत, अमन नयाल, भास्कर व शंकर आदि मौजूद रहे।
पीएम से की ये मांगें
– गुलदार व भालू को वन अधिनियम 1972 के अंतर्गत विशेष श्रेणी से हटाया जाए।
– गुलदार व भालू के हमले से घायल को 10 लाख जबकि मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये दिए जाएं।
– मृतक के आश्रित को स्थायी रोजगार प्रदान किया जाए।

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