संकट: रसोई गैस की बुकिंग और सप्लाई बाधित होने से बढ़ रही लोगों की चिंता, अफ़रा-तफ़री का माहौल
ऋषिकेश। शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में गैस के संकट से राहत नहीं मिल रही है। घरेलू गैस की बुकिंग के लिए टोल फ्री नंबर दगा दे रहा है, मगर ऑफलाइन बुकिंग से स्थानीय लोगों को राहत मिली है। बावजूद, यह तय नहीं बताया जा रहा है कि आखिर उनके घर तक सिलेंडर की डिलिवरी कब होगी? जिसके चलते लोगों में न सिर्फ भ्रम की स्थिति बनी हुई है, बल्कि उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। शुक्रवार सुबह नगर क्षेत्र में संचालित गैस एजेंसियों के कार्यालयों में बुकिंग और तमाम तरह की दिक्कतों को लेकर स्थानीय लोगों का जमघट दिखा। समस्या लेकर दिनभर एजेंसियों के कार्यालय में लोगों का आना-जाना लग रहा गैस एजेंसियान निर्धारित नियम का हवाला देते हुए मानक पूरा होने पर भी गैस उपलब्ध कराने की बात कही।। चौक-चौराहों से लेकर गलियों तक में गैस संकट की ही चर्चा सुनाई दी। आशुतोष नगर में संचालित अंकुर गैस एजेंसी में 800 का बैकलॉग रहा, तो दूनमार्ग की त्रिवेणी एजेंसी में भी 1,083 बैकलॉक होने से डिलिवरी को परेशानियां पैदा होने की स्थिति बनी दिखी। संचालक सुनील सेमवाल ने बताया कि ऐसा नहीं है कि घरेलू गैस का स्टॉक नहीं है। नियमित रूप से स्टॉक आ रहा है, जो कि बुकिंग के अनुरूप लोगों को गैस सिलेंडर के रूप में डिलीवर भी किया जा रहा है। बताया ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा से भी उपभोक्ताओं का काफी राहत मिली है।
स्वास्थ्य संस्थाओं को हुई सप्लाई: आपात स्थिति के मद्देनजर त्रिवेणी गैस सर्विस ने सरकारी दिशा-निर्देश पर स्वास्थ्य संस्थानों को भी गैस उपलब्ध कराई है। इसमें एम्स को सप्ताहभर के लिए दस सिलेंडर दिए गए हैं। जबकि, जौलीग्रांट के हिमालयन अस्पताल को भी 20 सिलेंडर की सप्लाई हुई है। इसी क्रम में परमार्थ निकेतन आश्रम को 20 और पंचवटी आश्रम के स्कूल को भी दस सिलेंडर की सप्लाई की गई है। एजेंसी संचालक सुनील सेमवाल ने बताया कि एम्स में महीनेभर में औसतन 50 सिलेंडर की सप्लाई एजेंसी से की जाती है।-
इमरजेंसी स्टॉक रखने के निर्देश: पूर्ति विभाग ने एजेंसी संचालकों को इमरजेंसी स्टॉक रखने के भी निर्देश जारी कर दिए हैं। त्रिवेणी गैस सर्विस को आपात स्थिति के लिए 50 घरेलू और 15 कॉर्मिशयल गैस सिलेंडर का स्टॉक रखने के लिए कहा गया है। पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली ने बताया कि विभाग हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है। इस बाबत गैस एजेंसी संचालकों के साथ आवश्यक बैठक भी की जा चुकी है, जिसमें उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गैस की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

