आक्रोश: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर फूट पड़ा जनाक्रोश

आक्रोश: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर फूट पड़ा जनाक्रोश
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हरिद्वार। अंकिता भंडारी की हत्या के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को लेकर रविवार को हरिद्वार में जनाक्रोश फूट पड़ा। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, उक्रांद और मूल निवास भू-कानून समिति के नेतृत्व में जनाक्रोश रैली हुइई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने करीब दो किलोमीटर लंबी रैली निकालकर सरकार से विरोध दर्ज कराया। इस दौरान ‘अंकिता को न्याय दो’ और ‘दोषियों को सजा दो’ जैसे नारे गूंजते रहे। नवोदय चौक पर प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए सड़क जाम की। इसके बाद पुतला फूंककर सरकार से विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस संवेदनशील मामले में चुप्पी साधे हुए है। दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। इस रैली में मूल निवास भू-कानून समिति के मोहित, लुसून टोडरिया, स्वाभिमान मोर्चा के प्रमोद काला, हिमांशु रावत, मनोज कोठियाल, राकेश बिष्ट, वीके सिन्हा, कुसुमलता देवी, विशाल विश्नोई, बृजमोहन रावत, नीरज जोशी, प्रताप सिंह रावत सहित कई लोग मौजूद रहे। कहा-नए नामों के खुलासे पर सरकार मौन स्वाभिमान मोर्चा संयोजक अमरदीप सिंह ‘राबिन’ ने कहा कि उत्तराखंड की जनता तब तक शांत नहीं बैठेगी, जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल जाता और सभी दोषियों को सजा नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। स्वाभिमान मोर्चा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष सुरेश मोहन अंथवाल ने कहा कि सरकार की चुप्पी उसकी मंशा पर सवाल खड़े करती है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस का धरना
दूसरी ओर,  अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवालिक नगर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कैंडल मार्च भी निकाला गया। इसका नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश महासचिव महेश प्रताप राणा ने किया। इस मौके पर महेश प्रताप राणा और वरिष्ठ नेता वीरेंद्र रावत ने कहा कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा जनता के सामने आ चुका है। उत्तराखंड की बेटी को न्याय मिलना चाहिए। जिस कथित ऑडियो में जिन-जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष संतोष चौहान ने कहा कि भाजपा शासन में बेटियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। अनुसूचित विभाग के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि और पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक जनआंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सीटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग दोहराई। इस धरने में पूर्व विधायक रामयश सिंह, मुरली मनोहर, ओपी चौहान, राजबीर सिंह चौहान, राव आफाक, पूनम भगत, वरुण बालियान, जेएस तोमर, सत्यपाल शास्त्री, अमित नौटियाल, अंजू द्विवेदी, अंजू मिश्रा, ममता सिंह, सत्येंद्र वर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

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