लापरवाही: मालिकों की एक गलती ने ले ली जान, बंद कार में घुट-घुटकर मर गया बेजुबान
मथुरा। कृष्ण की नगरी मथुरा के वृंदावन से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दर्शन करने आए एक दंपति की लापरवाही ने उनके ही पालतू कुत्ते की जान ले ली। दंपति अपने 5 साल के लैब्राडोर डॉगी को कार में बंद करके मंदिर चले गए, जिसके बाद बंद गाड़ी में दम घुटने से कुत्ते ने करीब तीन घंटे तक तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। जब तक उसे बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वृंदावन की एक पार्किंग की है। दिल्ली से आया एक परिवार अपनी कार पार्क करके दर्शन के लिए जा रहा था। उन्होंने अपने पालतू लैब्राडोर को कार के अंदर ही छोड़ दिया। पार्किंग के सिक्योरिटी गार्ड ने जब उन्हें कुत्ते को बाहर निकालने के लिए कहा, तो मालिकों ने यह कहकर टाल दिया कि वह सो रहा है और हवा के लिए खिड़की थोड़ी खुली छोड़ दी है।
करीब दो घंटे बाद जब गार्ड कार के पास से गुजरा तो उसने कुत्ते को बुरी तरह हांफते और भौंकते हुए देखा। उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी और वह बेचैनी में ड्राइवर सीट के नीचे फंसा हुआ था। गार्ड ने तुरंत खिड़की खोलने और शीशा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। वह भागकर मैकेनिक को बुलाकर लाया। मैकेनिक ने जब तक कार का दरवाजा खोला, कुत्ता बेहोश हो चुका था। इस पूरी मशक्कत में करीब 45 मिनट लग गए।
लोगों ने कुत्ते को बाहर निकालकर उस पर पानी डाला, लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। उसे फौरन पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद जब दंपति दर्शन करके लौटे और अपनी कार के पास भीड़ देखी, तो उनके होश उड़ गए। अपने ‘बच्चे’ जैसे पाले कुत्ते का शव देखकर वे फूट-फूटकर रोने लगे और अपनी गलती पर पछताते हुए कहा कि उनकी वजह से उनके डॉगी की जान चली गई। उन्होंने बताया कि वे उसे 55 दिन का लेकर आए थे और 5 साल से बच्चे की तरह पाल रहे थे।
यह घटना उन सभी पालतू जानवरों के मालिकों के लिए एक चेतावनी है, जो अपने पेट्स को कार में बंद करके चले जाते हैं। बंद कार कुछ ही देर में गर्म भट्टी बन जाती है, जिसमें दम घुटने से पालतू जानवर की मौत हो सकती है।

