सावधान: इंस्टाग्राम पर विदेशी अमीर बनकर महिलाओं को फंसाते हैं साइबर ठग, गिफ्ट/ पार्सल के नाम पर लगाते हैं लाखों का चूना
देहरादून। सोशल मीडिया पर दोस्ती, प्यार और महंगे उपहारों का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने ठगी का नया जाल बिछा रखा है। इंस्टाग्राम पर विदेशी नागरिक, अमीर कारोबारी, डॉक्टर, पायलट या सैन्य अधिकारी बनकर महिलाओं से दोस्ती करना और फिर विदेश से महंगे गिफ्ट भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठना इस गिरोह का नया तरीका बन गया है। उत्तराखंड के हल्द्वानी में सामने आए ऐसे मामलों ने साइबर अपराध के इस खतरनाक नेटवर्क की कार्यप्रणाली उजागर की है।
साइबर सेल में तैनात विशेषज्ञ एसआई बीएल कुशवाहा ने इस ठगी के तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए महिलाओं को निशाना बनाते हैं। पहले विदेशी नागरिक होने का दावा कर दोस्ती करते हैं। इसके बाद खुद को बेहद अमीर और प्रभावशाली व्यक्ति बताकर महिला का विश्वास जीतते हैं। धीरे-धीरे बातचीत को भावनात्मक रिश्ते में बदल दिया जाता है। विश्वास कायम होने के बाद महंगे गिफ्ट, विदेशी मुद्रा और सोने के आभूषण भेजने का वादा किया जाता है।
ठगी का असली खेल उस समय शुरू होता है, जब महिला को किसी अनजान नंबर से फोन आता है। फोन करने वाला खुद को एयरपोर्ट या कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर कहता है कि विदेश से आया पार्सल पकड़ लिया गया है। पार्सल में सोना, विदेशी मुद्रा या अन्य प्रतिबंधित सामान होने की बात कहकर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता है। इसके बाद कस्टम ड्यूटी, क्लियरेंस फीस और जुर्माने के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराने को कहा जाता है। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित महिलाएं रकम जमा करती चली जाती हैं। जब तक उन्हें ठगी का अहसास होता है, तब तक आरोपी संपर्क तोड़ चुके होते हैं।
तीन महिलाओं को बनाया निशाना, 5 लाख से अधिक की ठगी
ह इस तरह की ठगी के कई मामले सामने आए हैं। एक महिला को विदेशी नागरिक बनकर साइबर ठग ने अपने जाल में फंसाया। आरोपी ने उसे महंगे गिफ्ट भेजने का भरोसा दिलाया। इसके बाद एयरपोर्ट से फोन कर पार्सल में मादक पदार्थ होने की बात कही गई और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर महिला से करीब 3.50 लाख रुपये ठग लिए गए। इसी तरह एक महिला से 1.20 लाख रुपये की ठगी की गई। एक मिस्त्री की पत्नी भी इस गिरोह के झांसे में आ गई और उससे 49 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। इन तीनों मामलों में ठगी का तरीका लगभग एक जैसा बताया जा रहा है।
साइबर अपराध की दुनिया में इस तरह की ठगी को आमतौर पर रोमांस स्कैम या गिफ्ट पार्सल स्कैम के रूप में जाना जाता है। इसके पीछे कई बार अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क सक्रिय रहते हैं। ऐसे गिरोह सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपने निशाने पर लेते हैं। आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम और डेटिंग ऐप्स पर विदेशी डॉक्टर, पायलट, बिजनेसमैन या सैन्य अधिकारी की फर्जी पहचान बनाते हैं। इसके बाद महिला और पुरुषों से दोस्ती कर उन्हें भावनात्मक रूप से अपने प्रभाव में लेते हैं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते हैं। कोई सोशल मीडिया पर दोस्ती करता है तो कोई कस्टम अधिकारी बनकर फोन करता है और कोई बैंक खातों के जरिए रकम हासिल करने का काम करता है। ऐसे नेटवर्क में नाइजीरिया से जुड़े अपराधियों की संलिप्तता के मामले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, हर मामले में गिरोह की राष्ट्रीयता की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।
राज्य की साइबर टीम को लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस के प्रयासों के साथ ही आम लोगों को भी सतर्क रहना होगा। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय उनकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए।
ऐसे बचें गिफ्ट पार्सल साइबर ठगी से:
– सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिक बनकर दोस्ती करने वालों की पहचान सत्यापित करें।
– अनजान व्यक्ति के महंगे गिफ्ट और विदेश से पार्सल भेजने के वादे पर भरोसा न करें।
– कस्टम ड्यूटी, पार्सल क्लियरेंस या जुर्माने के नाम पर निजी खातों में पैसे न भेजें।
– एयरपोर्ट या कस्टम अधिकारी बनकर फोन करने वालों की बातों में न आएं।
– गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की धमकी मिलने पर घबराने के बजाय संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें।
– साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

