समीक्षा: डीएम नितिका खंडेलवाल ने पलायन रोकने के लिए आजीविका संवर्द्धन के साधन बढ़ाने के दिए निर्देश

समीक्षा: डीएम नितिका खंडेलवाल ने पलायन रोकने के लिए आजीविका संवर्द्धन के साधन बढ़ाने के दिए निर्देश
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नई टिहरी। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना की डीएम नितिका खंडेलवाल ने समीक्षा की। उन्होंने वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये। पलायन रोकथाम के लिए ब्लॉकवार विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए युवाओं को फोकस में रख प्रशिक्षण देकर आजीविका संवर्द्धन के साधन बढ़ाने के निर्देश दिए। स्वयंसहायता समूहों के माध्यम से क्लस्टर में कार्य करने और प्रत्येक योजना को विभागों से युक्तिकरण कर स्पष्ट रूप से बनाने को भी कहा। मंगलवार को वीसी सभागार में आयोजित बैठक में सीडीओ वरूणा अग्रवाल ने बताया कि जिले के विभिन्न ब्लॉक के अंतर्गत 50 राजस्व ग्राम के 43 गांव पलायन प्रभावित की श्रेणी में है। जिनमें प्रतापनगर के 14, जाखणीधार 9, थौलधार 8, चंबा और नरेंद्रनगर 5-5, जौनपुर 4, कीर्तिनगर 3, भिलंगना 2 गांव शामिल हैं। चयनित ग्रामों में आजीविका संवर्द्धन के लिए मनरेगा और एनआरएलएम सहित ब्लॉक स्तर, कृषि, पशुपालन, लघु सिंचाई, शिक्षा आदि विभागों के माध्यम से 115 योजनाओं के कार्य किए जाने हैं। इनमें सोलर ड्राययर, सोलर पंप, चेक डैम (पाइप लाइन), हर्बल उत्पादन, औषधीय एवं सगंध उत्पादन, माइक्रो बकरी पालन, डेयरी यूनिट, स्मार्ट क्लासेज, पौधारोपण, बागवानी, पुलम उत्पादन आदि कार्य करने के प्रस्ताव हैं। डीएम ने कहा कि इन गांवों में क्रियान्वित किए जाने वाली योजनाओं पर अधिकारी विशेष निगरानी रखें। पलायन को न्यून करना सरकार का लक्ष्य है। जिसके लिए धरातल पर कार्य करने की जरूरत है। इस मौके पर पीडी डीआरडीए पीएस चैहान, सीएओ विजय देवराड़ी, सीवीओ डीके सिंह, ईई लघु सिंचाई बृजेश गुप्ता, बीडीओ शाकिर हुसैन, उरेडा परियोजना अधिकारी एसएस महर मौजूद रहे।

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