शिकायत: सड़क के डामरीकरण में मानकों की अनदेखी का आरोप, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायत: सड़क के डामरीकरण में मानकों की अनदेखी का आरोप, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
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विकासनगर। चकराता-त्यूणी राष्ट्रीय राजमार्ग के वन गेट चकराता क्षेत्र में चल रहे डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। चकराता छावनी परिषद के नामित सभासद अनिल चांदना ने बताया कि सड़क पर रात के समय डामरीकरण किया गया, लेकिन अगले ही दिन कई स्थानों पर डामर की परत उखड़ती दिखाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होने के साथ-साथ आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कहा कि, तीन दिन पूर्व सप्लाई से सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय तक सड़क पर बारिश के बाद भी डामरीकरण किया गया। सड़क पूरी तरह सूखने से पहले गीली सतह पर डामर बिछाना तकनीकी नियमों के विपरीत है। जब डामर सड़क पर डाला गया, तब तक उसका तापमान काफी कम हो चुका था, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि समय रहते गुणवत्ता संबंधी कमियों को दूर नहीं किया गया तो सड़क जल्द ही दोबारा क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में अधिशासी अभियंता नवनीत पांडे ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों को कार्य की गुणवत्ता में सुधार करने और जरूरत पड़ने पर मानकों के अनुरूप पुनः डामरीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

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