शर्मनाक: बेटी होने पर प्रताड़ित करने का आरोप, विवाहिता ने लगाई न्याय की गुहार

शर्मनाक: बेटी होने पर प्रताड़ित करने का आरोप, विवाहिता ने लगाई न्याय की गुहार
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रुड़की।  कोतवाली क्षेत्र की एक विवाहिता ने दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकियों से परेशान होकर महिला हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम खजूरी निवासी एक महिला ने महिला हेल्पलाइन को दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह करीब डेढ़ वर्ष पूर्व मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार लंढौरा निवासी के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के समय उसके माता-पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं था। शादी के कुछ समय बाद ही उसे कम दहेज लाने का ताना देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति की यह दूसरी शादी है। आरोप लगाया कि पहली पत्नी को भी बेटी होने के बाद प्रताड़ित कर तलाक दे दिया गया था। महिला ने बताया कि उसने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार और अधिक कठोर हो गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद उसका भाई उसे मायके ले आया, जहां वह पिछले करीब एक महीने से रह रही है। परिजनों द्वारा समझौते के प्रयास भी किए गए, लेकिन ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग पूरी होने तक उसे वापस रखने से इनकार कर दिया। आरोप है कि ससुरालियों ने उसे जान से मारकर आत्महत्या का रूप देने की धमकी दी। इसके अलावा उसके पति ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या संबंधी वीडियो अपलोड कर पीड़िता और उसके परिजनों पर दबाव बनाने का प्रयास भी किया। पीड़िता ने अपनी और अपनी बच्ची की सुरक्षा तथा आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि पीड़िता के पति समीर, ससुर सगीर, सास रुकसाना तथा देवर नदीम और शोयब निवासी लंढौरा, थाना मंगलौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

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