बड़ी ख़बर: विकलांगता प्रमाणपत्र के लिए 5 हजार की रिश्वत लेते ऑर्थोपेडिक सर्जन गिरफ्तार
रुद्रप्रयाग। सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा शिकायतकर्ता से विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में कार्यरत ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने के बदले शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की मांग कर रहे हैं। शिकायत की जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देश पर ट्रैप टीम का गठन किया गया।
इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत करते हुए सतर्कता टीम ने मंगलवार 29 सितंबर 2026 को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में कार्रवाई की। टीम ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत ग्रहण करते हुए डॉ. अंकुर ठाकुर को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

