बड़ी खबर: हरिद्वार पुलिस को मिली  बड़ी कामयाबी, नाबालिग लड़कियों का सौदा कर रहे गिरोह का किया भंडाफोड़

बड़ी खबर: हरिद्वार पुलिस को मिली  बड़ी कामयाबी, नाबालिग लड़कियों का सौदा कर रहे गिरोह का किया भंडाफोड़
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ऑपरेशन स्माइल के तहत छापा मारकर छुड़ाया दो नाबालिग बहनों को, महिला सहित 5 दलालों को किया गिरफ़्तार

हरिद्वार। नवनियुक्त पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल के  जिले की कमान संभालते ही पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। डोभाल के निर्देश पर हरिद्वार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट शाखा ने ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत न केवल महिलाओं की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, बल्कि इस अपराध में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके चंगुल से दो नाबालिग लड़कियों को भी बचा लिया है।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर द्वारा दी गई सूचना दी गयी कि शहर के संजयनगर टिबडी स्थित एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। इस पर संज्ञान लेकर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने मंगलवार को बताये गये स्थान पर छापा मारकर 14 व 17 साल की 2  नाबालिग लड़कियों  को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कर सौदेबाजी  के मास्टरमाइंड दंपत्ति के साथ ही 4 दलालों को भी  मौके पर ही दबोच लिया ।

जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी दंपत्ति किराए का कमरा लेकर रह रहा था। पिछले कुछ दिनों से उन्होंने अपने साथ 2 नाबालिग लड़कियों को रखा हुआ था। पुलिस टीम की छापेमारी में पता चला कि दोनों नाबालिग आपस में बहने हैं और अपने घर (प्रयागराज) से भागकर दिल्ली आयी थीं। वहां उन्हें आरोपी आलोक शुक्ला मिला जो नौकरी लगाने का झांसा देकर अपने साथ टिबड़ी स्थित अपने कमरे पर ले आया। दंपत्ति ने लड़कियों को सज संवरकर धंधे के लिए तैयार रहने और हर दिन दस हजार रुपए देने की बात कही थी। पूछताछ में पता चला कि छापेमारी के समय अभियुक्त आलोक शुक्ला की पत्नी कुछ दलालों से बातचीत कर सौदा फाइनल करने के लिए बाहर गयी हुई थी।

अभियुक्त आलोक शुक्ला को साथ लेकर पुलिस टीम ने लड़कियों का सौदा करने आ रही दूसरी पार्टी की  को दबोचने के लिए  जाल बिछाया और चंडीघाट पुल के पास से सेंट्रो कार में सवार महिला अभियुक्ता सहित लड़कियों का सौदा करने आए प्रवीण, रामकुमार, अनश व अनवर अंसारी को हिरासत में ले लिया। इस  बीच पुलिस छापेमारी की भनक लगते ही अभियुक्त आलोक शुक्ला की पत्नी फ़रार हो गयी। पुलिस टीम उसकी
तलाश में जुटी हुई है।

गिरफ्तार अभियुक्तों से की गई पूछताछ में प्रारम्भिक तौर पर जानकारी मिली कि अभियुक्त आलोक शुक्ला इस गिरोह को समय समय पर लड़कियां और महिलाएं सप्लाई करता था, जिन्हें गिरोह  द्वारा सस्ते दामों में खरीद कर या तो आगे बेच दिया जाता था या पैसे लेकर शादी करवा दी जाती थी।

गिरफ्तार  अभियुक्तों के खिलाफ  418/23  धारा  370(2)/342/366A/ भादवि व 17/18 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।  बरामद नाबालिग युवतियों के बारे में सम्बन्धित थाने से सम्पर्क करने पर जानकारी मिली कि परिजनों की शिकायत पर प्रयागराज में गुमशुदगी दर्ज की गयी है और यूपी पुलिस द्वारा दोनों बालिकाओं की तलाश की जा रही थी। सूचना मिलने पर बालिकाओं के परिजन भी हरिद्वार पहुंच चुके हैं।

पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण-

1- आलोक शुक्ला पुत्र सुरेश चंद्र शुक्ला, निवासी ग्राम काली देवी मौहल्ला, निकट रेलवे स्टेशन थाना गुमना जिला फरुखाबाद (यूपी)

2- प्रवीण पुत्र जय भगवान, निवासी ग्राम सलेमपुर झबरेड़ा, थाना नागल जिला बिजनौर (यूपी), हाल पता बिहारी कॉलोनी, जमालपुर कनखल, हरिद्वार

3- पूजा सकलानी पत्नी सतीश सकलानी, निवासी थापा गली, निकट ग्रीन वैली स्कूल, सेलाकुई, जिला देहरादून

4- रामकुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी ग्राम खेड़ी, थाना दादरी, जिला गोतमबुद्ध नगर (यूपी) हाल पता रेलवे फाटक गाजियाबाद, यूपी

5- अनश पुत्र महबूब, निवासी ग्राम पिथोड़, थाना किरतपुर तहसील नजीबाबाद, जिला बिजनौर (यूपी)

6- अनवर अंसारी पुत्र सलीम अंसारी, निवासी ग्राम पितोरा, थाना कायमगंज जिला फरुखाबाद (यूपी), हाल जमालपुर कलां कनखल, हरिद्वार

अभियुक्त आलोक शुक्ला की पत्नी फ़रार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सेंट्रो कार और 6 मोबाइल फोन बरामद किये हैं।

इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर. राकेन्द्र सिंह कठैत (प्रभारी A.H.T.U.), उपनिरीक्षक जयवीर सिंह रावत,
हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, कांस्टेबल बलवंत सिंह,
कांस्टेबल विमल, महिला कांस्टेबल दीपा कल्याणी, रेशमा सुल्ताना व आरती शामिल रहे।

गिरोह की धर-पकड़ और नाबालिग लड़कियों  की सकुशल बरामदगी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने टीम की पीठ थपथपाई है और उत्साहवर्धन हेतु  5000/- रुपए के ईनाम की घोषणा की है।

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