अपेक्षा: विमान किरायों में कमी की उम्मीद, ईंधन की कीमतें स्थिर रहने पर सर्चार्ज घटाने को कह सकती है सरकार
वाराणसी (RNS)। देश में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में राहत की बड़ी खबर आ सकती है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहती हैं, तो केंद्र सरकार एयरलाइंस कंपनियों से हवाई किरायों पर लगने वाले सर्चार्ज और अतिरिक्त शुल्कों की समीक्षा करने और उन्हें कम करने के लिए कह सकती है.
वाराणसी में नागरिक उड्डयन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार विमान ईंधन की कीमतों पर लगातार और बारीक नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में तेल की कीमतों में आई गिरावट टिकाऊ है या नहीं, इसका आकलन करने के लिए एयरलाइंस कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है.
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा, पिछले चार महीने एयरलाइंस उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहे हैं. अब जब हम ईंधन की कीमतों में गिरावट देख रहे हैं, तो हमें यह परखना होगा कि यह कमी लंबे समय के लिए है या केवल कुछ समय का बदलाव है. एक बार जब हमें विश्वास हो जाएगा कि कीमतों में यह स्थिरता लंबी अवधि तक बनी रहेगी, तो हम एयरलाइंस से बात करेंगे. हमारा प्रयास होगा कि यात्रियों पर से सर्चार्ज और अतिरिक्त किरायों के बोझ को कम किया जाए.
संकट से निपटने के लिए 10,000 करोड़ का फंडपश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट और वैश्विक तनाव के कारण विमानन क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इस संकट से घरेलू एयरलाइंस को उबारने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ का प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड (मूल्य स्थिरता कोष) बनाया है. इस फंड के जरिए सरकार एयरलाइंस कंपनियों को वित्तीय संकट के समय जरूरी मदद और सहायता प्रदान कर रही है.
नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि सरकार इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार हर 15 दिन में वैश्विक कच्चे तेल के रुख के आधार पर विमान ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती है. इसके अलावा, मौजूदा संकट को देखते हुए सरकार ने घरेलू विमान संचालकों के लिए एटीएफ की कीमतों की अधिकतम सीमा (कैपिंग) तय की है, हवाईअड्डा शुल्कों में कटौती की है और इमरजेंसी क्रेडिट लिंकेज गारंटी योजना के तहत वित्तीय सहायता को आगे बढ़ाया है.

