प्रतिक्रिया: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का हमला, बताया छात्रों की जीत और मोदी की जिद की हार

प्रतिक्रिया: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का हमला, बताया छात्रों की जीत और मोदी की जिद की हार
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नई दिल्ली (आरएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस फैसले को छात्र आंदोलन की जीत बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह देश के लाखों छात्रों के संघर्ष और लोकतांत्रिक आवाज की जीत है।
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब नीट-यूजी परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी था और सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ता जा रहा था। इससे एक दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के 47 अधिकारियों को सेवा से हटाए जाने की कार्रवाई भी हुई थी।
इस्तीफे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि छात्रों की आवाज आखिरकार सत्ता तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे सत्य, लोकतंत्र और देशभर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे युवाओं की जीत बताया। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को पहले ही गंभीरता से लेना चाहिए था।
खरगे ने कहा कि संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे को लगातार उठाया और अब सरकार को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पूरे मामले की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे छात्रों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि लगातार उठ रही आवाजों के आगे सरकार को झुकना पड़ा।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो संदेश साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर देशवासियों और छात्र समुदाय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन लाखों छात्रों की जीत है, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार संघर्ष किया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने इसे युवाओं के आंदोलन की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज़ और देशभर में चले आंदोलन ने सरकार को बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर किया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी व्यवस्था की गंभीर समीक्षा करनी चाहिए। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी व्यवस्था लागू करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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