परिणाम: किच्छा-सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस का दबदबा, तिलकराज बेहड़ का बढ़ा कद
किच्छा। उधमसिंह नगर में नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक बढ़त दी है। किच्छा नगर पालिका में कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार कब्जा बरकरार रखते हुए भाजपा को बड़ा झटका दिया। कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने भाजपा के संदीप अरोरा को 6147 मतों के बड़े अंतर से हराया। वहीं पहली बार अस्तित्व में आई सिरौलीकलां नगर पालिका में भी कांग्रेस ने अध्यक्ष पद जीतने के साथ ही सभी वार्डों पर कब्जा कर लिया।
नई मंडी समिति परिसर में हुई मतगणना में राजेश प्रताप सिंह को 19,091 वोट मिले, जबकि भाजपा के संदीप अरोरा को 12,944 मत प्राप्त हुए। राजेश ने चारों राउंड में लगातार बढ़त बनाए रखी। किच्छा के 20 वार्डों में कांग्रेस ने 10, भाजपा ने छह और निर्दलीय प्रत्याशियों ने चार वार्डों में जीत दर्ज की।
सिरौलीकलां में कांग्रेस की राशिदा ने 5434 वोट हासिल कर निर्दलीय प्रत्याशी फरीन जहां को 1773 मतों से शिकस्त दी। फरीन को 3661 वोट मिले। अध्यक्ष पद की जीत के साथ कांग्रेस ने यहां के सभी चार वार्ड भी जीत लिए। वार्ड एक में सना, वार्ड दो में फरियाद शाह, वार्ड तीन में रुखसार और वार्ड चार में मो. शारिक ने जीत दर्ज की।
किच्छा और सिरौलीकलां के निकाय चुनाव को विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा था। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुए इन चुनावों में दोनों नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंकी थी। परिणाम आने के बाद किच्छा और सिरौलीकलां में कांग्रेस की जीत को विधायक बेहड़ की बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं भाजपा और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के लिए यह परिणाम बड़ा झटका माना जा रहा है।
मतदान के दिन बेहड़ और शुक्ला के बीच हुए विवाद और हाथापाई के बाद किच्छा चुनाव प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया था। इसके बाद मुकाबला स्थानीय निकाय चुनाव से आगे बढ़कर दोनों नेताओं की प्रतिष्ठा से जुड़ गया था। नतीजों में कांग्रेस की निर्णायक बढ़त ने बेहड़ खेमे का पलड़ा भारी कर दिया है।
सिरौलीकलां को लेकर भी यह चुनाव कांग्रेस के लिए खास था। वर्ष 2018 में किच्छा नगर पालिका के विस्तारीकरण के दौरान सिरौलीकलां को इसमें शामिल किया गया था। बाद में शासन ने इसे अलग नगर पालिका बनाने का फैसला किया। कांग्रेस ने सिरौलीकलां को किच्छा पालिका में बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। सात अक्तूबर को शासन ने दोनों नगर पालिकाओं के अलग-अलग चुनाव कराने का नोटिफिकेशन जारी किया था। पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस ने अध्यक्ष पद से लेकर पूरे बोर्ड तक कब्जा जमाकर अपनी मजबूत पकड़ का संकेत दिया है।
नतीजों का सियासी संदेश साफ है—किच्छा में कांग्रेस की लगातार तीसरी जीत और सिरौलीकलां में क्लीन स्वीप ने विधायक तिलकराज बेहड़ का स्थानीय राजनीतिक कद बढ़ाया है। वहीं भाजपा को विधानसभा चुनाव से पहले किच्छा क्षेत्र में अपनी रणनीति और संगठन की स्थिति पर नए सिरे से मंथन करना होगा।

