दहशत: तराई क्षेत्र के बग्घा 54 गांव में बाघिन की दस्तक, ग्रामीणों में ख़ौफ़ का माहौल
रुद्रपुर। सुरई रेंज के जंगल से सटे बग्घा 54 गांव में बुधवार को बाघिन के पहुंचने से हड़कंप मच गया। छठ घाट मंदिर के पास बने तालाब में पानी पीने आई बाघिन को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। पानी पीने के बाद बाघिन कुछ देर मुख्य मार्ग पर भी घूमती रही। करीब आधे घंटे बाद वह वापस जंगल की ओर चली गई। सतपुड़ा-बग्घा 54 के उप प्रधान हेमंत सिंह कन्याल ने बताया कि बाघिन के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। उन्होंने बताया कि बाघिन छठ घाट मंदिर के पास तालाब में पानी पीने आई थी और करीब आधे घंटे तक सड़क पर घूमने के बाद जंगल की ओर चली गई।उनके अनुसार, इससे पहले भी गांव में बाघ कई लोगों पर झपट चुका है। ऐसे में ग्रामीण वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने बाघिन के गांव में आने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में कांबिंग की। सुरई रेंज के रेंजर आरएस मनराल ने बताया कि बग्घा 54 गांव जंगल के बीच बसा है। जंगल में बाघ-बाघिन समेत अन्य वन्यजीव रहते हैं, जो पानी की तलाश में अक्सर इधर-उधर घूमते हैं। बाघिन भी पानी पीने के लिए गांव पहुंची थी और पानी पीने के बाद जंगल में लौट गई। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीमें वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने और सावधानी के साथ घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। वन्यजीवों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वनकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं।

