दंड: गांजा तस्करी में दोषी को 11 साल का कठोर कारावास, 1.10 लाख रुपये अर्थदंड

दंड: गांजा तस्करी में दोषी को 11 साल का कठोर कारावास, 1.10 लाख रुपये अर्थदंड
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अल्मोड़ा(आरएनएस)।  सल्ट क्षेत्र में 40.600 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश श्रीकांत पाण्डेय की अदालत ने अभियुक्त हरीश चंद्र नेगी उर्फ छेत्रपाल को धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 11 वर्ष के कठोर कारावास और 1.10 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं मामले में आरोपी रविंद्र सिंह रावत उर्फ रवि रावत उर्फ रवि धोनी को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार तीन फरवरी 2024 को पुलिस सराईखेत-कठपतिया तिराहे से करीब दो किलोमीटर आगे वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सराईखेत की ओर से आ रहे महिंद्रा पिकअप वाहन संख्या यूके 04 सीए 3964 को पुलिस ने रोका। वाहन रुकने के बाद उसका चालक अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गया। पुलिस ने वाहन में बैठे व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम हरीश चंद्र उर्फ छेत्रपाल बताया। उसने भागने वाले चालक का नाम रविंद्र सिंह उर्फ रवि उर्फ रवि धोनी बताया। वाहन की तलाशी लेने पर पीछे रखे चार प्लास्टिक के कट्टों से 40.600 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। अभियोजन के अनुसार पूछताछ में हरीश चंद्र गांजे के परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुंवर सिंह बिष्ट तथा विशेष लोक अभियोजक पोक्सो घनश्याम जोशी ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने आठ सितंबर 2026 को हरीश चंद्र उर्फ छेत्रपाल को धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 11 वर्ष के कठोर कारावास और 1.10 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वहीं आरोपी रविंद्र उर्फ रवि उर्फ रवि धोनी को इसी धारा के तहत दोषमुक्त कर दिया गया।

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