तैयारियां: जिला प्रशासन ने आपदा से निपटने को किसी कमर, डीएम ने दिए जीआईएस मैंपिंग करने के निर्देश
नई टिहरी। डीएम नितिका खंडेलवाल ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी तैनात करने और आपदा से निपटने के सभी इंतजाम करने के निर्देश दिये। डीएम ने कहा कि सभी जनपदस्तरीय आपदाकाल को गंभीरता से लें। बीते सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आगामी मानसून की तैयारियों पर ली गई बैठक में डीएम खंडेलवाल ने तकनीक का प्रयोग करते हुए संवेदनशील स्थलों की जीआईएस मैपिंग कराने के निर्देश दिए। लोनिवि के एसई मनोज बिष्ट ने बताया कि जनपद में चिन्हित 24 स्लिप जोन पर मानसूनकाल में बारिश के दौरान मलबा आने से बंद सड़कों को खोलने के लिए तमाम सड़कों पर जेसीबी मशीनों की तैनाती कर दी गई है। बताया कि चिन्हित सेंसिटिव व स्लिप जोन की जीआईएस मैपिंग भी कर ली गई है। पोर्टल के माध्यम से अलग-अलग रंगों से दर्शाया गया है। जिसमें लाल रंग से दिखाए गई जगह पर सरकारी और नीले रंग पर प्राइवेट जेसीबी आपरेटर सहित उपलब्ध है। सभी जेसीबी ऑपरेटर के मोबाइल नंबर भी फीड किये गये हैं। जिससे किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में सूचना मिलते ही 5 से 30 मिनट के भीतर जेसीबी मशीन घटना स्थल पर पहुंच जाएगी और तत्काल यातायात सुचारू किया जाएगा।
टीनशेड निवासी बांध प्रभावितों ने की स्थाई आवंटन की मांग
दूसरी ओर, टीनशेड केमसारी में रह रहे बांध प्रभावित व बांध विस्थापित लोगों से डीएम निकिता खंडेलवाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में टीन शेड के आवासों को खाली करवाने के मौखिक आदेशों को लेकर रोष जाहिर करते हुए पुनर्वास विभाग से यहां पर रहने वाले लगभग ढाई सौ परिवारों को स्थाई आवंटन जारी करने की मांग की। कहा मांग पूरी नहीं होने पर मजबूरन उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रभावितों ने डीएम को बताया कि पुनर्वास विभाग ने टीनशेड कालोनी में जांच प्रक्रिया के दौरान विस्थापित परिवारों को मौखिक रूप से खाली करवाने को कहा है। जिससे यहां पर निवासरत लगभग 250 परिवारों में रोष व्याप्त है। बताया कि यहां पर बांध प्रभावित और पीड़ित परिवार बीते 23 वर्षों से किरायेदार के रूप में रह रहे हैं। बांध में जल भराव के दौरान वर्ष 2002 से 2005 के बीच उन्हें यहां पर अस्थाई आवंटन किये गये थे। यहां पर रहने वाले अधिकांश परिवान निम्न वर्ग व अशिक्षित हैं। जिसके चलते कागजी कार्यवाही के अभाव में वह पुनर्वास संबंधी प्रक्रिया से वंचित रह गये। इसलिए ऐसे परिवार जिन्हें पुरानी टिहरी शहर में बतौर किरायेदार भवन आवंटित किये गये थे और कुछ को भूखंड आवंटित किये गये थे। लेकिन आर्थिक हीनता के चलते वह निर्धारित किश्त नहीं दे पाये और पुर्नवास प्रक्रिया से वंचित रहे। लंबे समय से वह निरंतर टीन शेड में मालिकाना हक दिये जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसलिए यहां पर वर्षों से रहने वाले लोगों को स्थाई आवंटन दिये जाएं, अन्यथा प्रभावित और पीड़ित आगामी 24 जून से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में एकता शक्ति संगठन के सुरेंद्र कुमार खत्री, जितेंद्र, अब्दुल जफर, यामिन खान, मोहम्मद हनीफ, नीरज भटनागर, मनोज पैन्यूली, मनमोहन पैन्यूली, विजय घई, कुशला लाल व रूपा देवी आदि शामिल रहे।

