जग हंसाई: जयंत चौधरी को भारी पड़ी’मैंगो पार्टी,’ आम को लेकर मची लूट का बना मजाक

जग हंसाई: जयंत चौधरी को भारी पड़ी’मैंगो पार्टी,’ आम को लेकर मची लूट का बना मजाक
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मेरठ। यहां केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में आयोजित एक मैंगो पार्टी उस वक्त चर्चा में आ गई, जब रालोद कार्यकर्ता आम लेकर ऐसे भागे मानो कोई खजाना मिल गया हो। पावली खास गांव में आयोजित रालोद की ‘मैंगो पार्टी’ उस वक्त अव्यवस्था का शिकार हो गई जब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जयंत चौधरी के पहुंचते ही आमों पर लूट सी मच गई। पार्टी का आयोजन रालोद के प्रदेश संयोजक व मीडिया प्रभारी सुनील रोहटा ने अपने बाग में किया था। लेकिन जैसे ही डोंगे खुले, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शिष्टाचार को ताक पर रख आमों पर धावा बोल दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें कई लोग आम को थैलियों और यहां तक कि अपनी जेबों में भरते हुए नजर आ रहे हैं। कुर्तों की जेबें भरने से लेकर बर्फ के पानी में रखे आमों को झपटने तक की होड़ लग गई। अफरा-तफरी में कई लोग गिर भी पड़े। बच्चे, बुजुर्ग, युवा सभी ‘मैंगो हंट’ में जुट गए।
यह मैंगो पार्टी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के लिए रखी गई थी। स्थानीय रालोद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेहमानों के स्वागत में आमों की किस्मों की शानदार व्यवस्था की थी। जैसे ही आम परोसे गए, कुछ रालोद कार्यकर्ता बेकाबू हो गए और आमों को अपनी जेबों, बैग्स और गमछों में भरकर भागने लगे। कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब वायरल हो गया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो पर लोग मजाकिया कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, ‘ये तो आम आदमी की सच्ची तस्वीर है!’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘जयंत जी की पार्टी में तो आम ही खास बन गया।’
मैंगो पार्टी में रटौल, दशहरी, लंगड़ा और गुलाब जामुन जैसी 4 वैराइटी के आम रखे गए थे, जिन्हें खेतों में लगे गोल टेबलों पर बर्फ में रखा गया था। इस आयोजन में भाजपा और रालोद दोनों दलों के प्रमुख नेता शामिल थे। भाजपा के पूर्व एमएलसी अश्विनी त्यागी, मंत्री अनिल कुमार समेत कई दिग्गज नेता भी इस ‘आम’ कार्यक्रम में पहुंचे थे।
कार्यक्रम के दौरान सेल्फी लेने की होड़ और वीआईपी अरेजमेंट में घुसने की कोशिश ने व्यवस्थाओं को और बिगाड़ दिया। सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार कर समर्थकों ने डोंगों को भी पलट दिया। इस आयोजन का उद्देश्य नेताओं के साथ आम भोज था, लेकिन यह पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। आयोजकों के अनुसार, उम्मीद से कहीं ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हालात बिगड़ गए।

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